Abdul Majeed Ka Chhura

Krishna Kumar

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  • Year: 2012

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9788170163992

अब्दुल मजीद का छुरा
हम पुस्तक में कृष्ण कुमार के चुने हुए यात्रा-संस्मरण और रिपोर्ताज शामिल है । इन निबंधों में उनकी सुपरिचित गद्य शैली का एक अलग, बहुत आकर्षक रूप देखने को मिलता । कहानियों और शिक्षा संबंधी लेखों में  अभिव्यक्त होने वाली उनकी विशिष्ट निगाह यात्रा व लचीले फलक पर पाठक के साथ बहुत आत्मीय और उत्साह भरा रिश्ता बनाने में समर्थ होती हैं ।
कृष्ण कुमार की अपनी रुचियों और दृष्टिक्षमता के अलावा पिछले र्टा-ढ़ाई दशकों के देश-विदेश के अनेक जीवन्त संदर्भों की पहचान भी इन निबंधों में समाई है । बिहार आंदोलन के सिलसिले में लिखे गए तीन रिपोर्ताज आपात्काल के ठीक पूर्व की स्थिति का विहंगम जायजा लेते हैं ।  एकदम हाल में लिखा गया  नर्मदा का संस्मरण भी यहाँ  शामिल किया गया है ।

Krishna Kumar

कृष्ण कुमार 
कृष्णा कुमार (जन्म 1951) सत्तर के दशक से शिक्षा संबंधी लेखों के अलावा कहानियाँ, यात्रावृत्त, रिपोर्ताज और बच्चों के लिए कहानियाँ लिखते आ रहे हैं ।
उनको हाल की किताबों में त्रिकालदर्शन, विचार का डर तथा शैक्षिक ज्ञान और वर्चस्व शामिल है । शुरू की कृतियों में राज, समाज और शिक्षा व आज नहीं पढ़ूँगा काफी चर्चित रही हैं । कृष्ण कुमार अंग्रेजी में भी लिखते हैं  । उन्होंने बच्चे के लिए सुन्दरवन पूरक पुस्तकमाला तथा स्वर्गीय निरंकारदेव सेवक के साथ महके सारी गली गली का संपादन किया है । कृष्या कुमार दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में प्रोफेसर है और इस विभाग के अध्यक्ष रह चुके है ।

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