Vigyan Ka Itihaas

Dyanand Pant

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  • Year: 2017

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Suhani Books

  • ISBN No: 9788187983071

विज्ञान का इतिहास
विज्ञान की अद्भुत प्रगति विश्व-भर के चिंतकों और कर्मठों के सामूहिक प्रयास का प्रतिफलन है। धर्म, देश, जाति, भाषा आदि की सीमाएँ विज्ञान को बाँध न सकीं। प्रस्तुत पुस्तक में इसी सार्वभौम विज्ञान की समग्र गाथा का रोचक वर्णन है। आदि मानव से लेकर आधुनिक मानव की विलक्षण उपलब्धियों वाली इस विश्वव्यापी बौद्धिक यात्रा का लेखा-जोखा बिना पूर्वग्रहों के प्रस्तुत करने और पाश्चात्य लेखकों के पक्षपातपूर्ण प्रतिपादन का पर्दाफाश करने का लेखक का प्रयत्न सराहनीय है।
जनसाधारण सुलभ भाषा और रोचक शैली में लिखी अपने विषय की हिंदी की यह प्रथम मौलिक पुस्तक ज्ञानवर्द्धक होने के साथ-साथ पाठक में चिंतन और तर्क की वैज्ञानिक विधि के विकास में भी सहायक होगी।

Dyanand Pant

दयानंद पंत
जन्म : 11 अक्तूबर, 1924, अल्मोड़ा (उत्तराखंड)।
शिक्षा : आरंभिक शिक्षा—अल्मोड़ा में; लखनऊ विश्वविद्यालय से वनस्पति विज्ञान में एम.एस-सी. तथा शोध-कार्य। तीन शोध-पत्र और उत्तर प्रदेश सरकार से पुरस्कृत पुस्तक ‘विकासवाद’ का प्रणयन (1951)।
सेवा : 1952 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय में वैज्ञानिक शब्दावली निर्माण कार्य के लिए नियुक्ति और 1982 में शब्दावली आयोग के उपनिदेशक पद से सेवानिवृत्ति। सेवाकाल में शब्दावली, कोश-कार्य, पुस्तक- लेखन, अनुवाद आदि कार्य।
सेवानिवृत्ति के उपरांत कई संस्थाओं से संबद्ध होकर लेखों, पुस्तकों आदि का सिलसिला। भाषा, खेल-कूद, विज्ञान, संगीत विषयक सैकड़ों लेख प्रकाशित। उल्लेखनीय पुस्तकों में हैं—विकासवाद, सेक्स, सृजनन विज्ञान, विज्ञान का इतिहास, पुरावनस्पति विज्ञान कोश (हिंदी व अंग्रेजी दोनों में)।
संपादन : (1) शब्दावली आयोग की शब्दावलियाँ, पाठमालाएँ, चयनिकाएँ, परिभाषा कोश। (2) पं. पंत स्मारक सोसाइटी के हिंदी और अंग्रेजी प्रकाशन। 
(3) किताबघर प्रकाशन का सचित्र विज्ञान व प्रौद्योगिकी विश्वकोश।
पुरस्कार : वैज्ञानिक साहित्य के विकास के लिए केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा का आत्माराम पुरस्कार (1997)।

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