Kavi Ne Kaha : Naresh Saxena

Naresh Saxena

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  • Year: 2014

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789383233403

नरेश सक्सेना समकालीन हिंदी कविता के ऐसे कवि हैं, जिनकी गिनती बिना कविता-संग्रह के ही अपने समय के प्रमुख कवियों में की जाने लगी।
एक संग्रह प्रकाशित होते-होते उच्च माध्यमिक कक्षाओं से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक पढ़ाए जाने लगे। पेशे से इंजीनियर और फिल्म निर्देशन का राष्ट्रीय पुरस्कार के साथ ही संगीत, नाटक आदि विधाओं में गहरा हस्तक्षेप। संभवतः यही कारण है कि उनकी कविताएँ अपनी लय, ध्वन्यात्मकता और भाषा की सहजता के कारण अनगिनत श्रोताओं, पाठकों की शुबान पर चढ़ गई हैं। वैज्ञानिक संदर्भों ने न सिर्फ उनकी कविताओं को मौलिकता प्रदान की है बल्कि बोलचाल की भाषा में उनके मार्मिक कथन, अभूतपूर्व संवेदना जगाने में सपफल होते हैं। निम्न उद्धरण इसका प्रमाण है--
पुल पार करने से, पुल पार होता है
नदी पार नहीं होती
या 
शिशु लोरी के शब्द नहीं, संगीत समझता है
बाद में सीखेगा भाषा
अभी वह अर्थ समझता है
या 
बहते हुए पानी ने पत्थरों पर, निशान छोड़े हैं
अजीब बात है
पत्थरों ने, पानी पर
कोई निशान नहीं छोड़ा
या 
दीमकों को पढ़ना नहीं आता 
वे चाट जाती हैं / पूरी किताब

Naresh Saxena

नरेश सक्सेना
जन्म: 16 जनवरी, 1939; ग्वालियर, मध्य प्रदेश
शिक्षा: मुरैना से शिक्षा की शुरुआत। जबलपुर में बीई (ऑनर्स) और कलकत्ता के ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ हाइज़ीन से एमई-पीएच का प्रशिक्षण
लेखन-प्रकाशन: साहित्यिक पत्रिका ‘आरंभ’, ‘वर्ष’ और उ.प्र. संगीत नाटक अकादेमी के त्रैमासिक ‘छायानट’ का संपादन अपने मित्रों क्रमशः विनोद भारद्वाज, रवींद्र कालिया और ममता कालिया के साथ। 
टेलीविज़न और रंगमंच के लिए ‘हर क्षण विदा है’, ‘दसवीं दौड़’, ‘एक हती मनू’ (बुंदेली) का लेखन। एक नाटक ‘आदमी का आ’ देश की कई भाषाओं में पांच हज़ार से ज़्यादा बार प्रदर्शित ।  ‘संबंध*, ‘जल से ज्योति’, ‘समाधान’ और ‘नन्हे कदम’ आदि लघु फिल्मों का निर्देशन। विजय नरेश द्वारा निर्देशित वृत्त फिल्मों ‘जौनसार बावर’ और ‘रसखान’ का आलेखन
पुरस्कार/सम्मान: साहित्य के लिए सन् 2000 का पहल सम्मान। 1992 में निर्देशन के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार। 1973 में हिंदी साहित्य सम्मेलन का सम्मान। एक महीने के लिए आईआईटी कानपुर में आमंत्रित अतिथि कवि। विभिन्न शहरों में कविता कार्यशाला का संयोजन। लखनऊ आकाशवाणी से राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए निराला, धूमिल, कुंवर नारायण, लीलाध्र जगूड़ी आदि की कविता की संगीत संरचनाएँ
कविता कोष सम्मान, सरोज स्मृति सम्मान, साहित्य भूषण, पहल सम्मान, ऋतुराज सम्मान, इंजीनियरों की संस्था अभियान और उ.प्र. के कलाकारों की संस्थाओं द्वारा कविता और फिल्म के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड। मुक्तिबोध सृजनपीठ पर आमंत्रित कवि (Resident Poet) (म.प्र. संस्कृति विभाग एवं सागर विश्वविद्यालय)

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