101 Amar Kathayen

Prem Kishore Patakha

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  • Year: 2019

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Parmeshwari Prakashan

  • ISBN No: 9789380048185

हाँ, शब्द भी महकते हैं और महकते शब्दों की आयु भी अनंत काल तक रहती है । शब्द और फूलों में बस एक ही अंतर नज़र आता है — शब्द महकते हैं तो महकते रहते हैं और फूल कुछ समय के बाद कुम्हला जाते हैं और अपनी महक खो देते हैं । 
कुछ ऐसे ही महापुरुषों, संतों के विचार-संस्मरण महकती फुलवारी के समान यहाँ संजोकर आपके लिए लाये हैं । शायद किसी शब्द की महक आपका जीवन महका दे । सुगंध बनकर आपके मन और प्राण की वंशी के स्वर फूट पड़ें । 

Prem Kishore Patakha

पं० प्रेमकिशोर 'पटाखा'
जन्म : दीपावली, 27 अक्तूबर, 1943, अलीगढ़ (उ०प्र०)
कृतित्व : हास्य-व्यंग्य की मौलिक रचनाओं के साथ-साथ संपादन- संयोजन में अनेक लोकप्रिय पुस्तकें प्रकाशित
बाल-साहित्य में गीत, कहानी, उपन्यास, कॉमिक्स जैसी अनेक विधाओं में प्रकाशन
ऑडियो, वीडियो एलबम
'हास्यरत्न', 'शिखरश्री' एवं 'बालसखाश्री' से सम्मानित

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