Naav Doobne Se Nahin Darati

Leena Malhotra

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  • Year: 2016

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789382114680

कभी-कभी तो ऐसा लगता है, प्रगतिशील कवियों ने बात-बात पर तन जाने वाली जो बेटियाँ साहित्य को दीं, बड़ी होकर वे सब लीना-जैसी (मीठी फटकार लगाने और सात्त्विक आक्रोश दिखाने में निपुण) स्त्री-कवि बन गईं। 
लीना और फटकार? एक झलक में बात बनती नहीं जान पड़ती! इतनी संजीदा लड़की और फटकार? ये तो भरमुँह किसी से बोलतीं भी नहीं। ये नहीं बोलतीं पर इनकी कविताएँ तो बोलती हैं न-आपके मन पर पड़ी सब चट्टानों की आखिरी परत तक से इनका दो-टूक संवाद हो जाता है, और उनकी फॉसिलों में दबके पड़े स्नेह के सोते एकदम से फूट जाते हैं। 
एक महीन अर्थ में प्रायः सारी कविताएँ राजनीतिक हैं-हर अन्याय को तमाशे की तरह देखते, आपके ही भीतर छुपे उस टुच्चे आदमी को धता बतातीं कविताएँ जिसे एक प्रगतिसिद्ध कवि बरजता रहा था: कभी अभिधा, कभी व्यंजना, कभी लक्षणा में! लीना में व्यंजना का स्वर अधिक प्रबल है और सबसे बड़ी बात ये है कि शायद ही कहीं वे इकहरी होती हैं! लीना-जैसी सांद्र ऐंद्रिकता की प्रेम- कविताएँ भी कम ही स्त्री-कवियों ने लिखी हैं। स्त्री-नागरिकता और स्त्री-फैंटेसी के अनेक रंग आपको इस संग्रह में एक साथ मिलेंगे।  
-अनामिका

Leena Malhotra

लीना मल्होत्रा 
दिल्ली में ही जन्म, शिक्षा और पालन-पोषण
फिल्म व धारावाहिक लेखन और आकाशवाणी से कई नाटक प्रसारित
एक कविता संग्रह ‘मेरी यात्रा का ज़रूरी सामान’ बोधि प्रकाशन, जयपुर से 2011 में प्रकाशित, चर्चित एवं सम्मानित
साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित प्रकाशन, आकाशवाणी, हिंदी अकादमी, साहित्य अकादेमी, भारतीय ज्ञानपीठ, भारत भवन आदि प्रतिष्ठित एवं अन्य संस्थाओं द्वारा साहित्यिक गोष्ठियों में भागीदारी
रंगमंच से गहरा जुड़ाव, कई नाटकों में मुख्य भूमिका

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