Lok Ka Avlokan

Suryakant Nagar

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  • Year: 2013

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Arya Prakashan Mandal

  • ISBN No: 978-81-89982-81-2

प्रस्तुत निबंध-संग्रह में कुछ निबंध सिद्धांतसम्मत, कुछ शोधपरक और कुछ मौलिक हैं । कुछ तो पत्र-पत्रिकाओं में छपे भी हैं और कुछ एकदम नए । किन्तु, सभी लोकगंगा में स्नात हैं, आकंठ डूबे भी । आंचलिकता अथवा क्षेत्रीयता के आग्रह से दूर ये निबंध अपने ढंग से लोक की बातें बयां करते हैं, फिर भी भोजपुरी वर्चस्व से नकार नहीं । लोक का ही चिंतन-मनन, लोक का ही अध्ययन-अनुशीलन और लोक के ही सुख-दुःख का निरूपण इन लोकरंगी निबंधों का वणर्य विषय है । आगे ये 'लोक का अवलोकन' पाठकों को कितना लुभा पायेगा, यह तो उनकी प्रतिक्रियाएं ही बताएंगी । 

Suryakant Nagar

सूर्यकांत नागर
जन्म : 3 फरवरी, 1933 शाजापुर (म० प्र०)     
शिक्षा : विज्ञान में स्नातकोत्तर तथा विधि स्नातक
प्रपुख विधा : कहानी, लघुकथा
प्रकाशन : कथा-संग्रह : 'गलत होते संदर्भ', 'सूखते पोखर की मछली', 'दरिंदे', 'बिना चेहरे का पेट', 'प्रतिनिधि कहानियाँ', 'शांतिनिकेतन में डॉन' ० उपन्यास : 'युद्ध जारी रहे', 'यह जग काली कूकरो' ० व्यंग्य : ‘गुदड़ी का लाल' ० लघुकथा-संग्रह : 'विष-बीज' ० विविध : ख्यात साहित्यकारों के पत्रों का संकलन 'आईन', 'आलेखों का संग्रह 'अपने ही जाये दु:ख' और 'सड़क जो है, सेक्यूलर है' ० संपादन : कथा-संग्रह : 'अतीत से अलग', ‘लघुकथा-संग्रह : 'प्रतिनिधि लघुकथाएँ' तथा 'तीसरी आँख' । पत्र-पत्रिकाएँ : साहित्यिक त्रैमासिक 'आदमी', 'मनस्वी', 'लीकटुष्टि' एवं राष्ट्रीय अंधत्व निवारण संस्थान की पत्रिका 'हमारी आँखे' । पूर्व फीचर संपादक-नई दुनिया, इंदौर । वर्तमान उपसंपादक 'वीणा' मासिक ।
संपादन-परामर्श : इबारत, कधा-सागर, पेंशनर्स अभिलाषा ।
अनुवाद : कहानियों के मराठी अनुवाद का संकलन : निशांत, सावली प्रकाशन, पुणे से । व्यंग्य का बाँग्ला में, लघुकथाओं का सिंधी और पंजाबी में तथा कहानियों और लघुकथाओं का मराठी में अनुवाद विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित ।
सम्मान एवं पुरस्कार : 'गलत होते संदर्भ' पर म०प्र० साहित्य परिषद द्वारा सुभद्राकुमारी चौहान सम्मान, दुष्यत कुमार पांडुलिपि स्मृति संग्रहालय द्वारा 'दुष्यंत कुमार अलंकरण', उपन्यास 'यह जग आती कूकरी' पर 'अम्बिकाप्रसाद दिव्य पुरस्कार', म०प्र० लेखक संघ द्वारा 'पुष्कर सम्मान' अ०भा० प्रगतिशील लघुकथा मंच, पटना द्वारा 'लघुकथा शिखर सम्मान', अ०भा० भाषा साहित्य सम्मेलन बंगलौर द्वारा 'भारत भूषण सम्मान' भारतीय साहित्य अकादमी, म०प्र० द्वारा 'राष्ट्रीय सृजन सेवा सम्मान', साहित्यिक-सांस्कूतिक कला संगम आकादमी लखनऊ द्वारा कथा-संग्रह 'बिना चेहरे का पेट' के लिए 'आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी सामान', 'पंजाबी  को लघुकथा को पत्रिका 'मिन्नी', अमृतसर द्वारा 'लघुकथा  किरण सम्मान' आदि ।

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