Jal Sansadhan : Gaharata Sankat

Krishna Kumar Mishra

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  • Year: 2018

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Amarsatya Prakashan

  • ISBN No: 978-81-934328-5-3

अगर कवि रहीम लिख गए हैं ‘बिन पानी सब सून’ तो बड़ी दूरदर्शिता के साथ पते की बात लिख गए हैं, और आगाह भी कर गए हैं कि ‘रहिमन पानी राखिए’। उनकी यह बात दिनोदिन हमें चेता रही है कि अगर पानी न बचाया, उसका संरक्षण न किया तो धरती पर पूरा जीवन संकट में पड़ जाएगा। समझदार लोग अब समझ रहे हैं कि कल अगर फिर कोई विश्वयुद्ध हुआ तो वह शर्तिया पानी के लिए होगा। और, यह हम सब देख ही रहे हैं कि दुनिया भर में पानी के लिए किस कदर त्राहि-त्राहि मचने लगी है। यह सपने में भी किसी ने कब सोचा था कि कल बोतलों और वाटर-कैनों में पानी बिकेगा। हम तो सदियों से इसे माँ प्रकृति की सौगात समझते आ रहे थे। लेकिन, सौगात भी बाजार का हिस्सा बन गई है।
अनुभवी लेखक और वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. कृष्ण कुमार मिश्र ने अपनी इस पुस्तक ‘जल संसाधन : गहराता संकट’ में जल के इन तमाम पहलुओं का अपनी पैनी नजर से ‌विश्लेषण करके हमें गहराते जल संकट के बारे में आगाह तो किया ही है, धरती पर जीवन को बचाए रखने के लिए इसके संरक्षण के लिए चेताया भी है। इस बढ़ते संकट के प्रति लोगों को जागरूक करने का उनका यह रचनात्मक प्रयास निस्संदेह सराहनीय है। मेरा सुझाव है कि हम इस कृति को पढ़कर पानी को बचाने और उसकी फिजूलखर्ची रोकने का संकल्प लें। लेखक के इस सद्प्रयास में यह हमारा बड़ा योगदान हो सकता है। 

Krishna Kumar Mishra

कृष्ण कुमार मिश्र
जन्म: 15 मार्च, 1966  कृ  जौनपुर (उ.प्र.)
शिक्षा: एम.एससी., (1987) रसायन विज्ञान, इलाहाबाद विश्वविद्यालय; पीएच. डी., (1992) रसायन विज्ञान, काशी हिंदू विश्वविद्यालय
लेखन/कार्य: विज्ञान लेखन में सुदीर्घ एवं व्यापक योगदान, विज्ञान विषयक कुल 22 पुस्तकें तथा 200 से ज्यादा लेख प्रकाशित, देश के अनेक वैज्ञानिक तथा शैक्षिक संगठनों से जुड़ाव, देश में वैज्ञानिक साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2008 से ई-लर्निंग पोर्टल (http://ehindi.hbcse.tifr.res.in) का विकास एवं संचालन  
सम्मान/पुरस्कार: गृह मंत्रालय, भारत सरकार के ‘राजभाषा गौरव सम्मान’ (वर्ष 2015 में महामहिम राष्ट्रपति के कर कमलों से), विज्ञान परिषद् प्रयाग के ‘शताब्दी सम्मान’ (2013), महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के ‘होमी जहांगीर भाभा पुरस्कार’ (2010) तथा परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार के ‘राजभाषा भूषण पुरस्कार’ (2005) सहित अनेक राष्ट्रीय अलंकरणों से सम्मानित 
अभिरुचि: हिंदी भाषा तथा साहित्य से गहरा लगाव, विज्ञान की भाषा वेफ साथ भाषा वेफ विज्ञान में रुचि
संप्रति/संपर्क: एसोशिएट प्रोफेसर, होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र, टाटा मूलभूत अनुसंधन संस्थान (डीम्ड यूनिवर्सिटी), वी. एन. पुरव मार्ग, मानखुर्द, मुंबई-400088

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