Sant Kavi Dadu

Baldev Vanshi

Availability: In stock

Seller: KGPBOOKS

Qty:
220 + Free Shipping


  • Year: 2011

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Arya Prakashan Mandal

  • ISBN No: 9788188118038

संत कवि दादू
श्री दादूजी महाराज की वाणी काव्यमयी है । अतः  महाराज की वाणी काव्य है । श्री दादूजी महाराज और कबीर जी में प्रकृति भेद के कारण दोनों के व्यक्तित्व में स्वभावत: भेद आ गया है । वैसे उनके विचारों और सिद्धांतों में कोई भेद नहीं है । दोनों ही संत ज्ञानश्रयी  धारा के अग्रणी संत हैं । दोनों का मार्ग भक्तिमार्ग है । दोनों में ही जहाँ हिंदू और मुसलमानी मजहबों की आलोचना की है वहीं दोनों ने भारतीय दार्शनिकों और भक्तों के विचारों को स्वीकार किया है ।
हम पहले ही कह चुके है कि यद्यपि श्री महाराज ने अपनी वाणी में बार-बार भक्तों और संतों के नामों का आदरपूर्वक संस्मरण किया है, उनकी वाणी में गोरखनाथ, नामदेव, कबीर, पीपा, रैदास आदि के नाम बार-बार आए हैं, किंतु उनकी श्रद्धा कबीर में अधिक है :
साँचा शब्द कबीर का, मीठा लागे मोय । 
दादू सुनताँ परम सुख, केता आनंद होय ।

Baldev Vanshi

डॉ० बलदेव वंशी
जन्म : 1 जून, 1938, मुलतान (अब पाकिस्तान में)
एम०ए० हिंदी, पी-एच०डी० । हिंदी के सुप्रतिष्ठित कवि, आलोचक, पत्रकार और संपादक । ग्यारह कविता-संग्रह, पाँच आलोचना पुस्तकें सहित पैंतीस से ऊपर पुस्तके प्रकाशित । विभिन्न भाषा अकादमियों, साहित्यिक संस्थाओं, विश्वविद्यालयों द्वारा सम्मानित । छ: पुस्तकें केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा पुरस्कृत । 'कहत कबीर कबीर' पर 'कबीर शिखर सम्मान' प्राप्त । संत मलूकदास की मूल वाणी को देवनागरी में लाने के उपलक्ष्य में प्रथम श्री मलूक रत्न पुरस्कार (1999) । रचनाएँ विश्वविद्यालय पाठयक्रमों में निर्धारित क्या अनेक भाषाओं में अनूदित ।
'विश्व रामायण सम्मलेन' क्तथा कबीर चेतना यात्रा' के सिलसिले में मॉरीशस, हालैंड, इंग्लैंड, बैल्जियम, नेपाल आदि विदेशों में और देश में यात्राएँ । 'अखिल भारतीय भाषा संरक्षण संगठन' के संस्थापक अध्यक्ष, विश्व कबीरपंथी महासभा के अध्यक्ष, दादू शिखर सम्मान  समिति के संयोज़क-निदेशक ।
'कहत कबीर', 'दादू जीवन दर्शन', 'संत कवि  दादू', ‘श्री मलूक वाणी' (मूल रूप में प्रथमत: प्रकाश्य) पुस्तकों के लेखक-संपादक ।

Scroll