Gulloo Aur Ek Satrangi : 6 (paperback)

Shrinivas Vats

Availability: In stock

Seller: KGPBOOKS

Qty:
180.00 162 + Free Shipping


  • Year: 2019

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-81-940921-1-7

अपनी बात
प्रिय बाल पाठको!
हर किसी के जीवन में सुख-दुःख के दौर आते रहते हैं। सतरंगी के जीवन में भी आए। पर आपने अनुभव किया होगा, प्यारा सतरंगी दुखों में कभी विचलित नहीं हुआ। उसने अपने आत्मविश्वास को भी कमजोर नहीं होने दिया। सच कहूँ, यही आत्मबल हमारी पूँजी होती है।
याद रखो, किसी संकट में इतनी ताकत नहीं होती कि वह हमें पूर्णतः नष्ट कर सके। बशर्ते कि हमारे मन में उम्मीदों का दीपक टिमटिमाता रहे। यह कभी बुझने न पाए।
आपने यह भी महसूस किया होगा कि असहायों की सहायता के लिए विष्णु हमेशा तत्पर रहा है। चाहे छह पैरों वाली लोमड़ी हो या दो सिर वाला खरगोश, विष्णु ने सबकी सहायता की है। सकारात्मक सोच के साथ वह हमेशा आगे बढ़ता रहा। तभी तो सतरंगी को सभी जी-जान से चाहते हैं।
सच कहा है सपने देख तो कोई भी सकता है लेकिन सपने पूरे उसी के होते हैं जिस के इरादे नेक और नीयत साफ हो।
विष्णु फिर लौट आया है। आपको कैसा लग रहा है? जरूर बताना।

Shrinivas Vats

श्रीनिवास वत्स
जन्म : 23 दिसंबर, 1959, रोहतक (हरियाणा)
शिक्षा : एम०ए०, बी०एड०, पी०जी०जे०डी०, शास्त्री 
लेखन एवं प्रकाशन : हिंदी की लगभग सभी महत्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में  कहानियाँ एवं व्यंग्य  लेख प्रकाशित । 'साप्ताहिक हिंदुस्तान' में 'लघु व्यंग्य स्तंभ' काफी चर्चित रहा। पिछले बीस वर्षों से आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के  लिए लेखन । बाल-साहिल में विशेष कार्य ।
प्रकाशित पुस्तकें :-
'प्रश्न एक पुरस्कार का', 'व्यंग्य तंत्र', 'चोर भये कोतवाल' (व्यंग्य); 'गूँगा देश', 'यमराज के वरदान', 'नए महाराज' (नाटक); 'पाशमुक्ति', 'माँ का स्वप्न' (कहानी/उपन्यास); 'आकार लेते विचार' (निबंध); कहानियों की आठ पुस्तकें (बाल-साहित्य)
पुरस्कार :-
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एन०सी०ई०आर०टी०) द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार । बिहार सरकार के राजभाषा विभाग द्वारा 'डॉ० अमरनाथ झा' पुरस्कार । हरियाणा साहित्य अकादमी द्धारा कहानी के लिए तीन पुरस्कार । चिल्ड्रेंस बुक ट्रस्ट एवं शकुन्तला सिरोठिया बाल-साहित्य पुरस्कार से सम्मानित ।

Scroll