Dus Pratinidhi Kahaniyan : Suryabala

Suryabala

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  • Year: 2013

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789382114550

'दस प्रतिनिधि कहानियाँ' सीरीज़ किताबघर प्रकाशन की एक महत्त्वाकांक्षी कथा-योजना है, जिसमें हिन्दी कथा-जगत् के सभी शीर्षस्थ कथाकारों को प्रस्तुत किया जा रहा है ।
इस सीरीज़ में सम्मिलित कहानीकारों से यह अपेक्षा की गई है कि वे अपने संपूर्ण कथा-दौर से उन दस कहानियों का चयन करें, जो पाठको, समीक्षकों तथा संपादकों के लिए मील का पत्थर रही हों तथा ये ऐसी कहानियाँ भी हों, जिनकी वजह से उन्हें स्वयं को भी कहानीकार होने का अहसास बना रहा हो। भूमिका-स्वरूप कथाकार का एक वक्तव्य भी इस सीरीज़ के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसमें प्रस्तुत कहानियों को प्रतिनिधित्व सौंपने की बात पर चर्चा करना अपेक्षित रहा है ।
किताबघर प्रकाशन गौरवान्वित है कि इस सीरीज़ के लिए सभी कथाकारों का उसे सहज सहयोग मिला है। इस सीरीज़ के महत्त्वपूर्ण कथाकार सूर्यबाला ने प्रस्तुत संकलन में अपनी जिन दस कहानियों को प्रस्तुत किया है, वे हैं : 'रेस', 'बिन रोई लड़की', 'बाऊजी और बंदर', 'होगी जय, होगी जय...हे पुरुषोत्तम नवीन !', 'न किन्नी न', 'दादी और रिमोट', 'शहर की सबसे दर्दनाक खबर, 'सुमिन्तरा की बेटियां', 'माय नेम इश ताता' तथा 'सप्ताहांत का ब्रेकफास्ट'।
हमें विश्वास है कि इस सीरीज़ के माध्यम से पाठक सुविख्यात लेखक सूर्यबाला की प्रतिनिधि कहानियों को एक ही जिल्द में पाकर सुखद पाठकीय संतोष का अनुभव करेंगें ।

Suryabala

सूर्यबाला 

जन्म : 25 अक्तूबर, 1943, वाराणसी
शिक्षा : एम.ए., पी-एच.डी., काशी हिंदू वि.वि., वाराणसी

प्रकाशित कृतियाँ : मेरे संधि-पत्र, सुबह के इंतजार तक, अग्निपंख, यामिनी-कथा, दीक्षांत (उपन्यास) ० 'एक इन्द्रधनुष, दिशाहीन, थाती भर चांद, मुंडेर पर गृह-प्रवेश, सांझवाती, कात्यायनी संवाद, इक्कीस कहानियां, पांच लंबी कहानियां, सिस्टर! प्लीज आप जाना नहीं, मानुष-गंध, वेणु का नया घर, प्रतिनिधि कहानियां, सूर्यबाला की प्रेम कहानियां, इक्कीस श्रेष्ठ कहानियां, समग्र कहानियां आदि (कथा-संग्रह) ० अजगर करे न चाकरी, धृतराष्ट्र टाइम्स, देशसेवा के अखाडे में, भगवान ने कहा था (हास्य-व्यंग्य) ० झगड़ा निपटारक दफ्तर (बालोपयोगी) । 
उपन्यास 'दीक्षांत' तथा 'यामिनी-कथा' क्रमश: स्नातक तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में। ० टी०वी० धारावाहिकों के माध्यम से अनेक कहानियां, उपन्यासों तथा हास्य-व्यंग्यपरक रचनाओं के रूपान्तर प्रस्तुत, जिनमें पलाश के फूल, न किन्नी न, सौदागर, एक इन्द्रधनुष जुबैदा के नाम, सबको पता है, रेस, निर्वासित आदि प्रमुख हैं ० 'सजायाफ्ता' कहानी पर बनी टेलीफिल्म को वर्ष 2007 का सर्वश्रेष्ठ टेलीफिल्म पुरस्कार । ० कोलंबिया विश्वविधालय (न्यूयॉर्क), वेस्तइंडीज विश्वविधालय (त्रिनिदाद) एवं  नेहरू सेंटर (लंदन) से कहानी एव व्यंग्य रचनाओं का पाठ । ० न्यूयॉर्क के शब्द-स्टार टी०वी० चैनल पर कहानी एवं व्यंग्य-पाठ ।
सम्मान : प्रियदर्शिनी पुरस्कार, घनश्यामदास सराफ पुरस्कार, दक्षिण भारत प्रचार सभा, काली नागरी प्रचारिणी सतपुडा लोक संस्कृति, अभियान, मुंबई विद्यापीठ, व्यंग्यश्री पुरस्कार, रत्नीदेवी गोइन्का वाग्देवी पुरस्कार, राजस्थान लेखिका मंच वाग्मणि सम्मान, आजीवन उपलब्धि सम्मान, स्वजन, हरिशंकर परसाई स्मृति सम्मान, अभियान (उत्तर भारतीय संघ) आदि ।

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