Dus Pratinidhi Kahaniyan : Hridayesh

Hridyesh

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  • Year: 2013

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9788170167686

'दस प्रतिनिधि कहानियाँ' सीरीज़ किताबघर प्रकाशन की एक महत्त्वाकांक्षी कथा-योजना है, जिसमें हिन्दी कथा-जगत् के सभी शीर्षस्थ कथाकारों को प्रस्तुत किया जा रहा है ।
इस सीरीज़ में सम्मिलित कहानीकारों से यह अपेक्षा की गई है कि वे अपने संपूर्ण कथा-दौर से उन दस कहानियों का चयन करें, जो पाठको, समीक्षकों तथा संपादकों के लिए मील का पत्थर रही हों तथा ये ऐसी कहानियाँ भी हों, जिनकी वजह से उन्हें स्वयं को भी कहानीकार होने का अहसास बना रहा हो। भूमिका-स्वरूप कथाकार का एक वक्तव्य भी इस सीरीज़ के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसमें प्रस्तुत कहानियों को प्रतिनिधित्व सौंपने की बात पर चर्चा करना अपेक्षित रहा है ।
किताबघर प्रकाशन गौरवान्वित है कि इस सीरीज़ के लिए सभी कथाकारों का उसे सहज सहयोग मिला है। इस सीरीज़ के महत्त्वपूर्ण कथाकार हृदयेश ने प्रस्तुत संकलन में अपनी जिन दस कहानियों को प्रस्तुत किया है, वे हैं : 'खेत', 'जो भटक रहे हैं', 'कोई एक दूसरा', 'मृगया', 'जीवन राग', 'उसकी कहानी', 'जहर', 'मनु', 'पूँजी'  तथा 'सत्तर पार का वह बूढ़ा' ।
हमें विश्वास है कि इस सीरीज़ के माध्यम से पाठक सुविख्यात लेखक हृदयेश की प्रतिनिधि कहानियों को एक ही जिल्द में पाकर सुखद पाठकीय संतोष का अनुभव करेंगें ।

Hridyesh

हृदयेश
पूरा नाम : ह्रदय नारायण मेहरोत्रा
जन्म : 1930
प्रकाशित कृतियाँ -
उपन्यास : 'गाँठ' (1970), 'हत्या' (1971), 'एक कहानी अंतहीन' (1972), 'सफेद घोड़ा काला सवार" (1976), 'सांड' (1981), 'नास्तिक' (अनुवाद : 1984), 'पुनर्जन्म' (1985), 'दंडनायक' (1990), "पगली घंटी’ (1995), किस्सा हवेली' (2004)
कहानी-संग्रह : 'छोटे शहर के लोग' (1972), "अँधेरी गली का रास्ता' (1977), 'इतिहास' (1981), 'उत्तराधिकारी' (1981), 'अमरकथा' (1984), 'प्रतिनिधि कहानियाँ' (1988), 'नागरिक' (1992), 'रामलीला तथा अन्य कहानियां' (1993), 'सम्मान' (1996), 'जीवनराग' (1999), 'सन् उन्नीस सौ बीस' (1999), 'उसी जंगल समय में' (2004)
'सफेद घोड़ा काला सवार' तथा 'सांड' उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा पुरस्कृत, प्रतिबद्ध सृजन-यात्रा के लिए 1993 के 'पहल सम्मान' से सम्मानित।

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