Dus Pratinidhi Kahaniyan : Alamshah Khan

Aalam Shah Khan

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  • Year: 2014

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789383233311

'दस प्रतिनिधि कहानियाँ' सीरीज़ किताबघर प्रकाशन की एक महत्त्वाकांक्षी कथा-योजना है, जिसमें हिन्दी कथा-जगत् के सभी शीर्षस्थ कथाकारों को प्रस्तुत किया जा रहा है ।
इस सीरीज़ में सम्मिलित कहानीकारों से यह अपेक्षा की गई है कि वे अपने संपूर्ण कथा-दौर से उन दस कहानियों का चयन करें, जो पाठको, समीक्षकों तथा संपादकों के लिए मील का पत्थर रही हों तथा ये ऐसी कहानियाँ भी हों, जिनकी वजह से उन्हें स्वयं को भी कहानीकार होने का अहसास बना रहा हो। भूमिका-स्वरूप कथाकार का एक वक्तव्य भी इस सीरीज़ के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसमें प्रस्तुत कहानियों को प्रतिनिधित्व सौंपने की बात पर चर्चा करना अपेक्षित रहा है ।
किताबघर प्रकाशन गौरवान्वित है कि इस सीरीज़ के लिए सभी कथाकारों का उसे सहज सहयोग मिला है। इस सीरीज़ के महत्त्वपूर्ण कथाकार आलमशाह खान ने प्रस्तुत संकलन में अपनी जिन दस कहानियों को प्रस्तुत किया है, वे हैं : 'पराई प्यास का सफर', 'आवाज की अरथी', 'मुरादों भरा दिन है', 'दंड-जीवी', 'मेहंदी रचा ताजमहल', 'लोहे का खून', 'तिनके का तूफान', 'पग-बाधा', 'किराए की कोख' तथा 'पंछी करे काम' । संपादक द्वारा लिखी गई पुस्तक की भूमिका के माध्यम से आलमशाह खान की समग्र कथा-यात्रा और उसके महत्त्व से भी सहज ही परिचित हुआ जा सकता है।
हमें विश्वास है कि इस सीरीज़ के माध्यम से पाठक सुविख्यात लेखक आलमशाह खान की प्रतिनिधि कहानियों को एक ही जिल्द में पाकर सुखद पाठकीय संतोष का अनुभव करेंगें ।

Aalam Shah Khan

आलमशाह खान
जन्म : 31 मार्च, 1936 , उदयपुर (राजस्थान)
शिक्षा : एम.ए. , पी-एच.डी. 

प्रकाशित कृतियां : 'पराई प्यास का सफर', 'किराए की कोख', 'एक और सीता', 'एक गधे की जन्म-कुंडली', 'सांसों का रेवड़' (कहानी-संग्रह) ०  'राजस्थानी वचनिकाएं', 'वंश भास्कर : एक अध्ययन है', 'मीरा : लोक तात्त्विक अध्ययन' (आलोचना) ०  'राजस्थान के कहानीकार', 'ढाई आखर' (संपादन); पहले हिंदी और फिर राजस्थानी का अध्यापन; विभागाध्यक्ष (राजस्थानी), अधिष्ठाता (मानविकी संकाय) और प्रोफेसर, मीरा चेयर (मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय, उदयपुर) के पदों को सुशोभित किया।
राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य रहे ( 2000-2003 ); सम्मान : रांगेय राघव पुरस्कार, राजस्थान साहित्य अकादमी; विशिष्ट साहित्यकार सम्मान, राजस्थान साहित्य अकादमी; साहित्य सरस्वती उपाधि, अखिल भारतीय साहित्य संस्कृति एवं कला परिषद, उत्तर प्रदेश।
'किराए की कोख' कहानी पर फिल्म और 'पराई प्यास का सफर' कहानी पर टेलीफिल्म निर्मित।

स्मृति शेष : 17 मई, 2003

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