Jahaan Charan Pare Raghuvar Ke (Ram-janki Marg : Ek Smriti Yaatra)

Rajesh Tripathi

Availability: In stock

Seller: KGPBOOKS

Qty:
450.00 405 + Free Shipping


  • Year: 2015

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789383233878

... मगर उस राह पर चलने को मन मचल उठा, जिस राह पर प्रभु राम और मां जानकी के पवित्र चरण पड़ने की किंवदंती प्रचलित है । …और एक बार जो पांव बढ़े प्रभु की राह में तो प्रभु की मौजूदगी के चिह्न तो मिलते ही गए बल्कि ऐसे भी चिह्न मिले जो इस बात के सबूत थे कि यह यकीनन 'देवपथ' है क्योंकि समकालीन तथ्य तो किंवदंतियों में है परंतु ऐतिहासिक, पौराणिक, स्वातंत्र्य  वीरों से जुड़ी वीरगाथाओं और आध्यात्मिक घटनाओं की ऐसी श्रृंखला मिलती चली गई जो इस पथ को और महान बनाती गई और यकीन दिलाने लगी बाद के कालखंडों में इस पथ पर घटी गवाही देती घटनाएं कि यकीनन प्रभु इस राह से गुज़रे होंगे ।
इस 'स्मृति-यात्रा' में कई ऐसे तथ्य आपको मिलेंगे जो जनश्रुतियों, किंवदंतियों और परंपराओं में चली आ रही लोकगीतों-लोकगाथाओं पर आधारित हैं कई ऐसे भी तथ्य हैं जिन पर आगे भी शोध की आवश्यकता होगी । उस यात्रा से जो कुछ मिला और जैसे भी मिला उसे उसी रूप में आपके समक्ष पहुंचा रहा हूँ ।

-राजेश त्रिपाठी

Rajesh Tripathi

राजेश  त्रिपाठी
जन्म : 20 जुलाई. 1964
शिक्षा : स्नातक
संप्रति : विधायक (वर्ष 2007 से 2012)
(वर्ष 2012 से वर्तमान में)
निर्वाचन क्षेत्र : चिल्लूपार, गोरखपुर (उ.प्र.)
राज्यमंत्री : होमियोपैथ चिकित्सा शिक्षा विभाग, उ. प्र. शासन (13 मई, 2007 से 25 दिसंबर 2010 तक)
संस्थापक अध्यक्ष : 'मुक्तिपथ' बड़हलगंज, गोरखपुर
पत्रकारिता : राष्ट्रीय सहारा हिंदी दैनिक (वर्ष 1992 से 2007)
यात्राएं : ब्रिटेन जर्मनी, फ्रांस, स्विटजरलैंड, हॉलैंड, सिंगापुर, थाईलैंड, नेपाल, हांगकांग, भारत के प्राय: सभी प्रदेश

Scroll