Suraj Men Lage Dhabba

Ramesh Bakshi

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  • Year: 1989

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-81-7016-025-0

Ramesh Bakshi

रमेश बक्षी
जन्म : 15 अगस्त, 1936
शिक्षा : एम०ए०, हिंदी (इंदौर कॉलिज, म०प्र०) के बाद भोपाल के हमीदिया कॉलेज में प्राध्यापक नियुक्त । बाद में गुना चले गए । साहित्यिक लेखन की शुरुआत आकाशवाणी, इंदौर से की । बाद में 'ज्ञानोदय' के संपादक होकर कलकत्ता चले गए । 1968 में 'ज्ञानोदय' छोड़कर दिल्ली पहुँचे । लघु पत्रिका 'आवेश' का संपादन । 1968 में प्रथम अंक प्रकाशित। इसके बाद 'शंकर्स गोली' (हिंदी) का संपादन किया ।
दिल्ली में अपने निवास पर ही 'टैरेस थियेटर' चलाया, जिसमें नेशनल स्कूल ऑव ड्रामा के छात्र-छात्राएँ भी बड़ी संख्या में आते, परस्पर मिल-जुलकर नाट्य-प्रस्तुतियाँ एवं शिक्षण-प्रशिक्षण के कार्यक्रम चलाते।
प्रमुख कृतियाँ : हम तिनके (1963), किस्से ऊपर किस्सा (1964), अट्ठारह सूरज के पौधे (1966), बैसाखियों वाली इमारत (1967), चलता हुआ लावा (1971), खुले आम (1975) [उपन्यास]; मेज़ पर टिकी हुई कुहनियां (1963), कटती हुई जमीन (1954), दुहरी जिंदगी (1954), पिता-दर-पिता (1967), एक अमूर्त तकलीफ (1973), मेरी प्रिय कहानियां (1975) [कहानी-संग्रह]; देवयानी का कहना है (1973), तीसरा हाथी (1974), वामाचार (1975), छोटे नाटक (1976), एक नाटककार (1976), कसे हुए तार (1978), खाली जेब (1989) [नाटक]; बाहर आए हुए लोग (1976) [साहित्य दर्शन]
सत्ताईस डाउन (1975) [फिल्म]; पिता-दर-पिता, जिनके मकान ढहते हैं...., सुबह की चाय [टेली नाटक] सफर-दर-सफर, किसन चाचा के किस्से [दूरदर्शन धारावाहिक]; अभी नहीं, फिल्म [टेली फ़िल्म]; गुस्ताखी माफ (1981), अपने-जपने लतीफे [व्यंग्य]; बूमरेग [कविताएँ]; हँसत नाटक-बच्चे नाटक [बाल-साहित्य]; तिली-तितली [बाल-कहानियाँ] भुवनेश्वर की चुनी हुई रचनाएँ, हिंदी कहानी का मध्यग्रेतर [संपादन]
स्मृति-शेष : 17 अक्टूबर, 1992

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