Hindi Kahaniyon Mein Hans Patrika Ka Yogdan

Meera Ramrav Nichale

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  • Year: 2012

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Amarsatya Prakashan

  • ISBN No: 9788188466962

हिंदी कहानियों में ‘हंस’ पत्रिका का योगदान
सौ०  मीरा निचळे से मेरा परिचय इस शोध-प्रबंध के दौरान ही हुआ। साधना शाह का पत्र लेकर वह मुझसे मिलने औरंगाबाद से आई थी और शीघ्र ही इतनी खुल गई कि जब तक अपने प्रश्नों के सही जवाब नहीं पा लेती थी तब तक पूछती ही रहती थी। वह सीधे-सरल स्वभाव की अध्ययनशील लड़की है।
मैंने उसका शोध-प्रबंध देखा है और मुझे लगा कि काफी परिश्रम और सूझबूझ के साथ मीरा ने यह अध्ययन प्रस्तुत किया है। मैं उसे इसके लिए बधाई देता हूं। यह प्रबंध अपने आप में तो महत्त्वपूर्ण है ही, आगे काम करने वालों के लिए भी इसकी जरूरत बनी रहेगी। मीरा अपना अध्ययन और लिखना आगे भी चलाए रखे इसके लिए मेरी शुभकामनाएं...
—राजेन्द्र यादव

Meera Ramrav Nichale

मीरा रामराव निचळे
शिक्षा : एम.ए., बी.एड., पी-एच.डी. (हिंदी) तथा बी.डी. एवं एम.पी.ए. (ड्रामा)
लेखन : विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में शोध आलेख, कविताएं एवं कहानियां प्रकाशित
कार्यानुभव : एस.बी. कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, औरंगाबाद, जून, 2002 से मार्च, 2005 तक अध्यापन कार्य।
कोहिनूर कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, खूलताबाद, जिला औरंगाबाद, जून, 2005 से मई, 2010 तक अध्यापन कार्य।

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