Shankar Shesh : Samagra Naatak (3 Vols.)

Shanker Shesh

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  • Year: 2015

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789380146300

शंकर शेष: समग्र नाटक (3 खण्डों में)
डॉ. शंकर शेष हिंदी नाट्य साहित्य के अत्यंत प्रतिष्ठित रचनाकार हैं। पार्थिव शरीर से हमारे साथ न होते हुए भी अपनी रचनाओं के माध्यम से वे निरंतर अपने पाठकों के मन में रहते हुए एक संवाद में लीन अनुभूत होते हैं। 
डॉ. शेष ने लगभग बीस पूर्ण अंकी नाटक, एकांकी, उपन्यास और कुछ लेख आदि लिखकर साहित्यिक जगत् में जितनी प्रतिष्ठा अर्जित की, चलचित्र जगत् में पटकथा लेखक के रूप में वे उससे कम चर्चित नहीं रहे, बल्कि उनकी विशेषता रही कि उन्होंने सिनेमा जगत् में कम काम किया, किंतु उसके लिए कोई समझौता नहीं किया।
प्रस्तुत ‘शंकर शेष: समग्र नाटक’ (तीन खंड) में उनके प्रकाशित-अप्रकाशित सभी नाटक-एकांकी संकलित हैं। केवल शेष वही रहा है, जिसका रूप इतना अधूरा था कि उसे पूरा करते तो फिर वह डॉ.  शेष का न रहकर संशोधक या पूरा करने वाले का हो जाता।
डॉ.  शेष के जीवन के उतार-चढ़ाव के साथ उनकी रचनाधर्मिता में भी वह उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है और वह व्यक्ति जितना सहज था, इसका प्रमाण भी उनकी रचनाओं में बिखरा पड़ा है। प्रस्तुत तीन खंडों में उनका नाटककार रूप संश्लिष्ट होकर पाठक के सामने आता है। 
हमें आशा ही नहीं, विश्वास है कि इन खंडों में पाठकों को शंकर शेष की रचनात्मकता के कई स्तर और आयाम मिलेंगे।

Shanker Shesh

शंकर शेष
2 अक्तूबर, 1933, बिलासपुर (म.प्र.) में जन्म
नागपुर विश्वविद्यालय से 1956 में बी.ए. ऑनर्स (प्रथम श्रेणी) 
1960 में पी-एच.डी.
बंबई विश्वविद्यालय से 1976 में एम.ए. लिंग्विस्टिक (प्रथम श्रेणी)
वर्ष 1956 से जीवनपर्यंत रंगमंच से संबद्ध
मध्य प्रदेश शासन द्वारा ‘बाढ़ का पानी: चंदन के द्वीप’ और 
‘बंधन अपने-अपने’ कृतियां पुरस्कृत 
फिल्म ‘दूरियां’ के लिए ‘फिल्मफेयर पुरस्कार’ प्राप्त
फिल्म ‘घरौंदा’ तथा ‘दूरियां’ के लिए ‘आशीर्वाद पुरस्कार’ प्राप्त
साहित्य कला परिषद, दिल्ली द्वारा ‘कोमल गांधर’ पुरस्कृत
28 अक्तूबर, 1981 को श्रीनगर (कश्मीर) में निधन।

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