Maut Kyoun Raat Bhar Nahin Aati

Pratap Sehgal

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  • Year: 2007

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Himachal Pustak Bhandar

  • ISBN No: 9788188123162

मौत क्यों रात भर नहीं आती
'मौत क्यों रात भर नहीं आती' की शुरुआत तो एक यथार्थवादी नाटक की तरह से होती है, लेकिन ज्यों-ज्यों यह आगे बढ़ता है, एक 'फार्स' की शक्ल अख्तियार कर लेता है । अपने पूरे घटनाक्रम में नाटक मध्य- वर्गीय मानसिकता एवं मूल्यों पर हलकी-हलकी चोट करता चलता है ।
इस नाटक की दिलचस्प बात इसके दो अंत है । किसी भी घटनाक्रम का एक ही अंत हो सकता है, लेकिन संभावना के स्तर पर नाटककार कई तरह के 'अंत' सोच सकता है । यह भी एक तरह से 'फार्स' ही तो है । नाटक की भाषा धुर सिरे से धुर सिरे तक बोलचाल की ही भाषा है ।
विभिन्न रंग-मंडलियों ने इसे अपने-जपने तरीके से खेला है, जिससे साफ जाहिर होता है कि इसमें खेले जाने की अनंत राहें मौजूद है ।
हिंदी के प्रतिष्ठित नाटककार प्रताप सहगल का यह नाटक उनके लिए, जो खेलने के लिए किसी नाटक की तलाश में है ।

Pratap Sehgal

प्रताप सहगल
जन्म : 10 मई, 1945
प्रकाशित रचनाएँ :- कविता-संग्रह : 'सवाल अब भी मौजूद है', 'आदिम आग', 'अँधेरे में देखना', 'इस तरह से', 'नचिकेतास ओडिसी', 'छवियाँ और छवियाँ', मुक्तिद्वार के सामने  ० नाटक : 'अन्वेषक', 'रंग बसंती', 'नहीं कोई अंत', 'मौत क्यों रात- भर नहीं आती', 'चार रूपांत',  'नौ लघु नाटक',  'पाँच रंग नाटक', 'अपनी-अपनी भूमिका', 
'कोई और रास्ता तथा अन्य लघु नाटक है', 'कोई और रास्ता', 'मेरे श्रेष्ठ लघु नाटक', 'अंधेरे में' (पीटर शेफर के नाटक ब्लैक कॉमेडी का रूपांतर), 'किस्सा तीन गुलाबों का' (बल्गेरियन नाटक का अनुवाद), 'छू मंतर' (बाल नाटक), 'दस बाल नाटक', 'दो बाल नाटक' ०  उपन्यास : 'अनहद नाद', 'प्रियकांत' ० कहानी-संग्रह : 'अब तक', 'मछली-मछली  कितना पानी' ० आलोचना : 'समय के सवाल', 'रंग चिंतन', 'समय के निशान', ० विविध : 'अंशतः' (चुनिंदा रचनाओं का संग्रह)
सम्मान एवं पुरस्कार : साहित्यकार सम्मान, हिंदी अकादमी, दिल्ली ० सौहार्द सम्मान, उत्तरप्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ ० मैथिलीशरण गुप्त पुरस्कार ० 'रंग बसंती' पर साहित्य कला परिषद द्वारा सर्वश्रेष्ठ नाट्यालेख पुरस्कार ० 'अपनी-अपनी भूमिका' शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत  ० 'आदिम आग' व 'अनहद नाद' हिंदी अकादमी, दिल्ली द्वारा पुरस्कृत ० राजभाषा सम्मान, भारत सरकार एवं हिंदीसेवी राजभाषा सम्मान रोटरी क्लब, दिल्ली

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