Sun Mutiyare

Santosh Shelja

Availability: In stock

Seller: KGPBOOKS

Qty:
450.00 360 + Free Shipping


  • Year: 2013

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Parmeshwari Prakashan

  • ISBN No: 9788188121601

सुन मुटियारे
‘सुन मुटियारे’ उपन्यास उस तरुणी (मुटियार) की कहानी है, जो जन्मी-पली पंजाब के गाँव में और पढ़ी-गुनी देश की राजधानी में। पंजाब भी ‘बंटवारे’ से पहले का पंजाब-जब अनबँटी जमीन थी और अनबँटे ही दिल थे...जब खेतों में भरपूर अनाज था और दिलों में भरपूर प्यार था...जब ‘पंज दरिया’ की धरती गाती-नाचती रहती थी।
कथानक की धुरी तो है ‘मुटियार’, लेकिन उसके इर्द-गिर्द एक भरा-पूरा परिवार है, समाज है, जिसमें विविध पात्र हैं—गाँव के भी, शहर के भी। उनकी हँसी और आँसू, समस्याएँ और समाधन, सुख और दुःख—सब कुछ ऐसे साथ जुड़ा चला आता है, जैसे कवि के शब्दों में—‘जस केले के पात में छुपे पात दर पात।’ इस प्रकार कथानक का मुख्य पात्र एक नहीं रहता, बल्कि अनके पात्रों के रूप में प्रकट होता हैं अतएव यह कहानी जीवन के विराट् पट पर रंग-बिरंगे धगों से बुनी रंगीन चादर ‘फुलकारी’ की तरह उभरती है। इसका एक सिरा पंजाब के गाँव से जुड़ा है तो दूसरा राजधानी के महानगर से। इसीलिए कहानी में गाँव के लोकगीत और पंजाबी भाषा के शब्द स्वयमेव ही आ गए हैं, जैसे सावन की घटाओं के साथ मोर का नृत्य और कोयल की कुहुक आ जाती है।

Santosh Shelja

संतोष शैलजा
अमृतसर (पंजाब) के एक गाँव में जन्म  संतोष शैलजा ने दसवीं तक शिक्षा वहीं प्राप्त की । भारतविभाजन की त्रासदी के पश्चात माता-पिता सहित दिल्ली आ गई । यहीं पर उच्च शिक्षा- एम०ए०, बी०एड० तक-ग्रहण की और कुछ वर्ष अध्यापन-कार्य किया । फिर श्री शान्ता कुमार है विवाहोपरांत पालमपुर, हिमाचल प्रदेश में रहने लगी । पति-पत्नी दोनों को लेखन में रुचि होने से दोनों की दस-दस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है ।
संतोष शैलजा की कुछ उल्लेखनीय पुस्तकें है :
उपन्यास : 'कनक छड़ी',  'अंगारों में फूल', 'निन्नी'
कहली-संग्रह : 'जौहर के अक्षर', ज्योतिर्मयी', 'पहाड़ बेगाने नहीं होंगे'
कविता-संग्रह : 'ओ प्रवासी मीत मेरे'
अन्य पुस्तकें : 'धोलाधार', 'हिमाचल की लोककथाएँ'

Scroll