Priyakant

Pratap Sehgal

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  • Year: 2010

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789380146720

प्रियकांत
प्रताप सहगल उन लेखकों में से हैं, जिन्होंने अपने लड़कपन से ही दिल्ली नगर को महानगर और महानगर को सर्वदेशीय नगर (Cosmopolitan City) बनते हुए देखा है। इस बदलाव के साथ जुड़े आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक एवं धार्मिक पहलुओं के बदलते रंगों को भी महसूस किया है। इन बदलते रंगों के साथ बदलते वैयक्तिक संबंधों और मूल्य-मानों पर उनकी पैनी निगाह रहती है। इसीलिए उनके लेखन में निरा वर्णन नहीं होता, बल्कि उसके साथ समय के कई सवाल जुड़े रहते हैं। कभी यथार्थ के धरातल पर तो कभी दर्शन के स्तर पर ।
उनका नया उपन्यास 'प्रियकांत' भी कोई अपवाद नहीं है। पिछले तीस-चालीस सालों में धर्म का व्यापारीकरण और बाजारीकरण हुआ है। इसके लिए आम-जन को अपने परोसने के लिए धर्म के नए-नए मंच बने और नए-नए धर्मगुरु तथा धर्माचार्य फिल्मी सितारों की तरह चमकने लगे।
'प्रियकांत' एक ऐसे ही धर्माचार्य के उदय और उसके साथ जुड़ी महत्वाकांक्षाओं और विसंगतियों की कथा है। पात्र पौराणिक हो, ऐतिहासिक हों या समकालीन-प्रताप सहगल की नज़र हमेशा उनके माध्यम से समय के साथ मुठभेड़ मर ही रहती है। और इस उपन्यास में भी धर्म, धर्मगुरु, ज्ञान एवं अनुभव से जुड़े कुछ सवाल ही रेखांकित होते हैं...शेखर, नीहार और गुलशन के साथ...आप पढ़ेंगे तो आपको भी लगेगा कि इस कथा में आप भी कहीं न कहीं ज़रूर हैं।

Pratap Sehgal

प्रताप सहगल
जन्म : 10 मई, 1945
प्रकाशित रचनाएँ :- कविता-संग्रह : 'सवाल अब भी मौजूद है', 'आदिम आग', 'अँधेरे में देखना', 'इस तरह से', 'नचिकेतास ओडिसी', 'छवियाँ और छवियाँ', मुक्तिद्वार के सामने  ० नाटक : 'अन्वेषक', 'रंग बसंती', 'नहीं कोई अंत', 'मौत क्यों रात- भर नहीं आती', 'चार रूपांत',  'नौ लघु नाटक',  'पाँच रंग नाटक', 'अपनी-अपनी भूमिका', 
'कोई और रास्ता तथा अन्य लघु नाटक है', 'कोई और रास्ता', 'मेरे श्रेष्ठ लघु नाटक', 'अंधेरे में' (पीटर शेफर के नाटक ब्लैक कॉमेडी का रूपांतर), 'किस्सा तीन गुलाबों का' (बल्गेरियन नाटक का अनुवाद), 'छू मंतर' (बाल नाटक), 'दस बाल नाटक', 'दो बाल नाटक' ०  उपन्यास : 'अनहद नाद', 'प्रियकांत' ० कहानी-संग्रह : 'अब तक', 'मछली-मछली  कितना पानी' ० आलोचना : 'समय के सवाल', 'रंग चिंतन', 'समय के निशान', ० विविध : 'अंशतः' (चुनिंदा रचनाओं का संग्रह)
सम्मान एवं पुरस्कार : साहित्यकार सम्मान, हिंदी अकादमी, दिल्ली ० सौहार्द सम्मान, उत्तरप्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ ० मैथिलीशरण गुप्त पुरस्कार ० 'रंग बसंती' पर साहित्य कला परिषद द्वारा सर्वश्रेष्ठ नाट्यालेख पुरस्कार ० 'अपनी-अपनी भूमिका' शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत  ० 'आदिम आग' व 'अनहद नाद' हिंदी अकादमी, दिल्ली द्वारा पुरस्कृत ० राजभाषा सम्मान, भारत सरकार एवं हिंदीसेवी राजभाषा सम्मान रोटरी क्लब, दिल्ली

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