Domnic Ki Vaapasi

Vivek Mishra

Availability: In stock

Seller: KGPBOOKS

Qty:
350.00 315 +


  • Year: 2015

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-93-82114-69-7

‘डाॅमनिक की वापसी’ वर्ष 2015 के ‘आर्य स्मृति साहित्य सम्मान’ से अलंकृत उपन्यास है। इसके लेखक विवेक मिश्र समकालीन हिंदी कथा साहित्य के महत्त्वपूर्ण रचनाकार हैं। विवेक ने रचना के लिए सदा ऐसे कथानक चुने हैं जो समाज के किसी न किसी व्यापक सत्य को प्रकट करते हैं। इसीलिए वे लोकप्रिय रचना-पद्धतियों से अलग रास्ता तलाशते हैं। प्रस्तुत उपन्यास इसका प्रमाण है।

इस उपन्यास के केंद्र में ‘डाॅमनिक की वापसी’ नामक नाटक है, डाॅमनिक का चरित्र निभाने वाला अभिनेता दीपांश इसका प्रेरक पात्र है। दीपांश यथार्थ और नियति के बीच झूलता अपना मार्ग तय करता है। वह उस समय रंगमंच से अदृश्य हो जाता है जब अभिनय के शीर्ष पर उसका नाम चमक रहा होता है। उपन्यास अभिनय में जीवन और जीवन में अभिनय का द्वंद्व उपस्थित करता है। प्रेम पर आधारित नाटक तो सफल होता है लेकिन जीवन में प्रेम पराजय की छायाओं से घिर जाता है।

‘डाॅमनिक की वापसी’ प्रेम, मानवीय संबंध, कला और जीवन की सघन बुनावट से निर्मित हुआ है। अनूठा कथानक, रचनात्मक भाषा, शिल्प सौष्ठव और दार्शनिक आभा इस रचना के उल्लेखनीय तत्त्व हैं। युवा पीढ़ी में उपन्यास रचना की सिद्धि के लिए इस उपन्यास को उदाहरणार्थ देखा जा सकता है। विश्वास है कथानक और कहन के आधार पर ‘डाॅमनिक की वापसी’ व्यापक पाठक समुदाय की प्रियता अर्जित करेगा।

Vivek Mishra

विवेक मिश्र
जन्म: 15 अगस्त, 1970, झाँसी, उत्तर प्रदेश। 
विज्ञान में स्नातक, दन्त स्वास्थ्य विज्ञान में विशेष शिक्षा। पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर। 
प्रकाशित कहानी संग्रह ‘हनियाँ तथा अन्य कहानियाँ’, ‘पार उतरना धीरे से’ एवं ‘ऐ गंगा तुम बहती हो क्यूँ’। लगभग सभी प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ व कहानियाँ प्रकाशित। कुछ कहानियाँ संपादित संग्रहों व स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में शामिल। साठ से अधिक वृत्तचित्रों की संकल्पना एवं पटकथा लेखन। चर्चित कहानी ‘थर्टी मिनट्स’ पर फीचर फिल्म निर्माणाधीन। 'Light Through A Labyrinth' शीर्षक से कविताओं का अंग्रेजी अनुवाद राइटर्स वर्कशाप, कोलकाता से तथा कहानियों का बंगला अनुवाद डाना पब्लिकेशन, कोलकाता से प्रकाशित।

Scroll