Uski Bhee Suno

Bharti Gore

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  • Year: 2014

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789383233854

‘उसकी भी सुनो’ पुस्तक की कहानियां सामाजिक रूढ़ियों, पुरुष-प्रधान व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाती हैं। इसमें समाज के सभी तबकों की स्त्रिायों की समस्याओं का गंभीर विवेचन है। सफेदपोश समाज में जीती स्त्री, बाहर से अमीर और सुखासीन लगने वाली स्त्री की अस्तित्वहीन स्थिति के साथ-साथ दलित और आदिवासी स्त्री के सदैव उपेक्षित अस्तित्व की चर्चा है। इन कहानियों की नायिकाओं की विशेषता यह है कि वे कभी हार नहीं मानतीं।
प्रस्तुत पुस्तक की हर कहानी अपने आप में समाज में महिलाओं के प्रति घटने वाली हर घटना को या कहिए हर आयाम को बड़े ही सटीक अंदाज में पेश करती है। साहित्य ने हमेशा से हर आंदोलन को प्रभावित किया है और जन आंदोलनों ने भी हमेशा साहित्य को प्रभावित किया है। चाहे वह आजादी का आंदोलन हो या आजादी के बाद के आंदोलन, साहित्य ने कहानी, कविताओं, गीतों के जरिए हमेशा आम जनता के आंदोलनों को एक बेहतर आवाज दी है। साहित्य के बिना समाज अधूरा है। और अगर साहित्य महिलाओं द्वारा रचा जाए तो उसकी बात ही निराली है।
धार्मिक उन्माद का शिकार सबसे ज्यादा महिलाएं ही होती हैं। दलित, आदिवासी एवं अल्पसंख्यक महिलाओं के ऊपर तो इनकी दोहरी मार पड़ती है। नारी-मुक्ति की इस मुहिम को समाज के अन्य हिस्सों को साथ लेकर एक नए बदलाव की तरफ बढ़ना होगा। समाज के बदलाव में साहित्य इसी कड़ी में महिलाओं के लिए एक सशक्त रास्ता है।

Bharti Gore

भारती गोरे 
3 जनवरी 1976, एम. ए., पी-एच.डी., नेट, सेट 
प्रकाशित पुस्तकें: महाकवि सूरदास एवं उनका भ्रमरगीत, काकासाहेब गाडगिल जन्म शताब्दी ग्रंथ, आधुनिक हिंदी काव्य मीमांसा, अनुवाद निरूपण, हिंदी भाषा व साहित्य: सामयिक चिंतन, एक थी रूही (अंग्रेजी से हिंदी में अनूदित), ज्योति पर्व (मराठी से हिंदी में अनूदित), प्रगतिशील साहित्य और नागार्जुन, बेखबर (काव्य-संग्रह), जिजाऊ कहे शिवबा से (मराठी से हिंदी में अनूदित), कांही ‘पाती’ प्रेमाच्या (हिंदी से मराठी में काव्यानुवाद), उसकी भी सुनो (कहानी-संग्रह), लोक में प्रतिरोध
स्तंभ लेखन: संचारिका (विमर्श-परामर्श), युद्धरत आम आदमी (दर्द बोला तो...), दैनिक भास्कर (एहसास-रविवासरीय परिशिष्ट के लिए)
संपादन: संचारिका-औरंगाबाद-कार्यकारी संपादक; युद्धरत आम आदमी-नई दिल्ली-अतिथि संपादक; उत्पल-जयपुर-क्षेत्रीय संपादक; नान्दी-वाराणसी-क्षेत्रीय संपादक
पुरस्कार: राष्ट्रीय युवा साहित्यकार पुरस्कार, भारतीय भाषा परिषद, कोलकाता; संत एकनाथ पुरस्कार, मुंबई; शिक्षक गौरव पुरस्कार, औरंगाबाद

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