Mujhse Kaisa Neh

Alka Sinha

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  • Year: 2012

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789381467992

मुझसे कैसा नेह
बहुचर्चित कहानीकार अलका सिन्हा ने अपने पहले ही कहानी-संग्रह 'सुरक्षित पंखों की उडान' की टेक्नोलिटररी कहानियों से अपनी अलग पहचान बनाई । इस संग्रह के लगातार प्रकाशित हो रहे संस्करणों और इस पर संपन्न शोध-कार्य आदि पाठकों की पुरजोर स्वीकृति के प्रमाण हैं ।
अलका सिन्हा का दूसरा कहानी-संग्रह 'मुझसे कैसा नेह' भूमंडलीकरण और बाजारवाद के दौर में आधुनिक संदर्भों  और बदलते समीकरणों का खुलासा करता है, बहुत कुछ हासिल कर चुकने के बाद भी भीतर से रिक्त होते जा रहे व्यक्ति की पहचान कराता है । आज के जटिल यथार्थ से उपजे संघर्ष, तनाव और एकाकीपन के धरातल पर खडी ये कहानियां घर-परिवार के बीच से निकलती हुई वैश्विक परिदृश्य की साक्षी बन जाती हैं ।
मानवीय मूल्यों की पक्षधर इन कहानियों के पात्र तयशुदा ढर्रे से हटकर नए विकल्पों की खोज करते हैं । बेहतरी के नाम पर ये अपने देशकाल या परिस्थितियों से पलायन नहीं करते, न ही अपने स्त्री-पात्रों को जबरन 'बोल्ड' बनाकर स्त्री-विमर्श का झंडा उठाते हैं । दैहिक विमर्श से आगे अपनी अस्मिता के प्रति चेतना संपन्न ये स्त्रियां आधुनिकता की ओट में अमर्यादित नहीं होती तथा उच्छ्रंखल  और उन्मुक्त हुए बिना भी स्त्री मुक्ति की अवधारणा को संपुष्ट करती हैं ।
स्फीति से बचती दूश्य-प्रधान भाषा-शैली पाठक को एक नई दुनिया का हिस्सा बना देती है और वह सहज ही इन पात्रों से तादात्म्य स्थापित कर लेता है । भाव प्रवणता के साथ-साथ वैचारिक चिंतन से दीप्त ये कहानियाँ साधारण व्यक्ति की असाधारण भूमिका की संस्तुति करती हैं और अपने यथार्थ को कोसने के बदले अभिनव संकल्पनाओं की जमीन तोड़ती हैं ।

Alka Sinha

अलका सिन्हा
जन्म : 9 नवंबर, 1964, भागलपुर, बिहार ।
शिक्षा : एम०बी०ए०, एम०ए०, पी०जी०डी०टी०, केंद्रीय  अनुवाद ब्यूरो, गृह मंत्रालय द्वारा संचालित अनुवाद प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में रजत पदक ।
रचना-कर्म : 'काल की कोख से', 'मैं ही तो हूं ये', 'तेरी रोशनाई होना चाहती हूँ' (कविता-संग्रह) ० 'सुरक्षित पंखों की उड़ान', 'मुझसे कैसा नेह' (कहानी-संग्रह) ।
दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, मानित विश्वविद्यालय, धारवाड़, कर्नाटक से 'सुरक्षित पंखों की उड़ान में स्त्री-विमर्श' पर शोध ०  प्रतिष्ठित पब्लिक स्कूलों के हिंदी विषय के पाठ्यक्रम से कहानी शामिल ०  आकाशवाणी की विदेश प्रसारण सेवा द्वारा दर्जनों कहानियां नेपाली में अनूदित और प्रसारित ।
विशिष्ट गतिविधियाँ : केंद्रीय हिंदी निदेशालय, मानव संसाधन विकास मंत्रात्तय की हिंदीतर भाषी हिंदी लेखक पुरस्कार योजना में विशेषज्ञ के रूप से शामिल ०  अंतरराष्ट्रीय लेखन से जुडी हिंदी की साहित्यिक पत्रिका 'अक्षरम् संगोष्ठी' की सह-संपादक (मानद और अवैतनिक) ० दिल्ली दूरदर्शन के साहित्यिक कार्यक्रम 'पत्रिका' को विशिष्ट श्रृंखलाओं की प्रस्तोता ०  गत तेरह वर्षों से गणतंत्र दिवस परेड का आंखों देखा हाल सुनाने का गौरव और राष्ट्रीय महत्त्व के अन्य कार्यक्रमों की रेडियों कमेंटेटर ० केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद की पूर्व साहित्य एवं संस्कृति मंत्री ।
सम्मान : कविता-संग्रह 'मैं ही तो हूं ये' पर हिंदी अकादमी, दिल्ली सरकार द्वारा साहित्यिक कृति सम्मान (2002) ० संसदीय हिंदी परिषद द्वारा संसद के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान (2009) ०  कविता-संग्रह 'तेरी रोशनाई होना चाहती हूँ' पर परंपरा ऋतुराज सम्मान (2011) ० महात्मा फुले रिसर्च अकादमी, नागपुर द्वारा अमृता प्रीतम राष्ट्रीय पुरस्कार (2011) ०  विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, भागलपुर की सर्वीच्च मानद उपाधि 'विद्यासागर' (2011)

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