Insaani Nasl

Nasera Sharma

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  • Year: 2013

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789380146027

इनसानी नस्ल
इस संग्रह की सभी कहानियाँ बड़ी सादगी से जीवन के यथार्थ को सामने रखती हैं। अंतर्धारा में एक आग्रह अवश्य महसूस होता है कि इनसान ने अपने ‘स्वयं’ को जीना छोड़ दिया है। वह अपने अंदर यात्रा करने की जगह बाहर की भौतिक दुनिया के कोलाहल में भटकता जा रहा है, जो उसकी सारी सहजता को ख़त्म कर उससे सुख के सारे क्षण छीनता जा रहा है। कभी-कभी ऐसा भी संकेत मिलता है कि वह पाषाण युग की प्रवृत्तियों की तरफ़ अकारण बढ़ रहा है, जो सारी उपलब्धियों के बावजूद उसको वह ‘चैन’ नहीं दे पा रही हैं, जिसका वह सही हक़दार है। आखि़र यह इनसानी नस्ल, जो एक-दूसरे की उत्पत्ति की सिलसिलेवार कड़ी है, वह वास्तव में चाहती क्या है ? एक-दूसरे से हाथ मिला मानव-शृंखला को मज़बूत बनाना या फिर एक-दूसरे के विरोध में खड़े होकर अलगाव की भूमिका निभाना ? यह अलगाव हमें सभ्यता के किस मोड़ पर ले जाएगा ? अलगाव की इस मानसिकता से मुक्त होकर इनसान एक नए युग का सूत्रपात क्यों नहीं कर सकता ? क्या वह आने वाली नस्ल की ख़ातिर जीवन से निरंतर ग़ायब होते जा रहे ‘चैन’ को पाने के लिए कुछ नहीं करेगा ? क्या वह अपने अंदर की यात्रा कर इनसानियत के आलोकित क्षितिजों को छूना नहीं चाहेगा ? इन्हीं सवालों से जूझती ये कहानियाँ आज के इनसान के दिल व दिमाग़ की टकराहट की साक्षी हैं, जो अनेक बुनियादी सवालों से साक्षात्कार करती नज़र आती हैं।

Nasera Sharma

नासिरा शर्मा
जन्म : 1948, इलाहाबाद
फारसी भाषा-साहित्य में एम०ए० हिंदी, उर्दू फारसी, पश्तो, अंग्रेजी पर गहरी पकड़।ईरानी समाज और राजनीति के अतिरिक्त साहित्य, कला व संस्कृति विषयों की विशेषज्ञ। इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ईरान तथा भारत के राजनीतिज्ञों तथा प्रसिद्ध बुद्धिजीवियों के साथ साक्षात्कार किए, जो बहुचर्चित हुए। ईरानी युद्धबंदियों पर जर्मन व फ्रेंच टेलीविजन के लिए बनी फिल्म में महत्त्वपूर्ण योगदान।
प्रकाशित कृतियां  : 'सात नदियां एक समंदर', 'शाल्मली', ‘ठीकरे की मंगनी', 'जिंदा-मुहावरे', 'अक्षयवट', 'बूँद' (उपन्यास) ० 'शामी काग़ज़', 'पत्थरगली', 'संगसार', 'इब्ने मरियम', 'सबीना के चालीस चोर', 'खुदा की वापसी', 'इंसानी नस्ल', 'दूसरा ताजमहल', 'बुतखाना', 'गूँगा आसमान', 'शीर्ष कहानियाँ' (कहानी-संग्रह) ० 'किताब के बहाने', 'औरत के लिए औरत', 'राष्ट्र और मुसलमान' (लेख-संग्रह) ०  'जहाँ फौव्वारे लहू रोते हैं' (रिपोर्ताज़) ०  'अफगानिस्तान : बुज़कशी मैदान' (दो खडों में), 'मरजीना का देश : इराक', (इलाकाई अध्ययन) ० 'शाहनामा-ए-फिरदौसी', 'गुलिस्तान-ए-सादी', 'बर्निंग पयार', 'इकोज़ ऑफ  ईरानियन  रेवोल्यूशन : प्रोटेस्ट पोयट्री', 'किस्सा जाम का', 'काली छोटी मछली', 'आवारा कुत्ता (अनुवाद) ० 'दहलीज़', 'सबीना के चालीस चोर’, (नाटक) ० 'वापसी', 'सरज़मीन', 'बदला जमाना', 'शाल्मली' (सीरियल) ० 'मां', 'तड़प', 'आया बसंत सखी', 'काली मोहिनी', 'सेमल दरख्त', 'बावली' (टी०वी० फिल्म) ० 'पढ़ने का हक', 'सच्ची सहेली', 'गिलोबी', 'धन्यवाद ! धन्यवाद !' (साक्षरता) ० 'संसार अपने-अपने' (बाल-साहित्य) ० 'सारिका', 'पुनश्च' का ईरानी क्रांति विशेषांक (संयोजन एवं अनुवाद)

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