Jo Nahin Hai

Ashok Vajpayee

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  • Year: 2000

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9788170163497

जो नहीं है
यह मृत्यु और अनुपस्थिति की एक अद्वितीय पुस्तक है । राग और विराग का पारंपरिक द्वैत यहाँ समाप्त है । अवसाद और आसक्ति पडोसी है । यह जीवन से विरक्ति की नहीं, अनुरक्ति की पोथी है ।  मृत्यु मनुष्य का एक चिरन्तन सरोकार है और चूँकि कविता मनुष्य के बुनियादी सरोकारों को हर समय में खोज़ती-सहेजतो है, वह आदिकाल से एक स्थायी कवियमय भी है ।   विचार- शीलता और गहरी ऐन्द्रियता के साथ अशोक वाजपेयी ने  अपनी कविता में वह एकान्त खोजा-रचा है जिसमें मनुष्य का यह चरम प्रश्न हमारे समय के अनुरूप सघन मार्मिकता और बेचैनी के साथ विन्यस्त हुआ है
यहाँ मृत्यु या अनुपस्थिति कोई दार्शनिक प्रत्यय न होकर उपस्थिति है । वह नश्वरता की ठोस सचाई का अधिग्रहण करते हुए अनश्वरता का सपना देखने वाली कविता है-अपने गहरे अवसाद के बावजूद वह जीने से विरत नहीं करती । बल्कि उस पर मँडराती नश्वरता की छाया जीने की प्रक्रिया को अधिक समुत्सुक और उत्कट करती चलती है
दैनन्दिन जीवन से लेकर भारतीय मिथ के अनेक बिम्बो और छवियों को अशोक वाजपेयी ने मृत्यु को समझने-सहने  की युक्तियों के रूप में इस्तेमाल किया है । उनकी गीति-सम्वेदना यहाँ महाकाव्यात्मक आकाश को चरितार्थ करती है और उन्हें फिर एक रूढ हो गये द्वैत से अलग एक संग्रथित और परिपक्व कवि सिद्ध करती है
यहीं किसी तरह की बेझिलता और दुर्बोधता नहीं, पारदर्शी लेकिन ऐंद्रिक चिंतन है, कविता सोचती-विचारती है पर अपनी ही ऐंद्रिक प्रक्रिया से । 

Ashok Vajpayee

अशोक वाजपेयी
जन्म: 16 जनवरी, 1941
भाषा-दक्षता: अंग्रेजी एवं हिंदी, संस्कृत एवं उर्दू की भी जानकारी
प्रकाशन: हिंदी में कविता एवं आलोचना की 38 पुस्तकें। बांग्ला, मराठी, गुजराती, राजस्थानी, उर्दू, अंग्रेजी एवं पोलिश में 8 पुस्तकें अनूदित
हिंदी एवं अंग्रेजी में 8 पत्रिकाएँ संपादित-समवेत, पहचान, पूर्वग्रह, समास, बहुवचन (सभी हिंदी), बहुवचन, कविता एशिया एवं हिंदी (सभी अंग्रेशी)
महत्त्वपूर्ण समाचार-पत्रों-टाइम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स, पायनियर, द हिंदू, द वीक, नई दुनिया, जनसत्ता, नवभारत टाइम्स आदि में रचनात्मक योगदान
अंग्रेशी, फ्रेंच, जर्मन, रूसी, स्पानी, हंगारी, नार्वेजियन, अरबी, पोलिश, बांग्ला, कन्नड़, मराठी, पंजाबी, असमिया व स्वीडी इत्यादि में कविताएँ व लेख अनूदित एवं प्रकाशित।
पुरस्कार: कविता के लिए दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान (1994); कविता-संग्रह 'कहीं नहीं वहीं' के लिए साहित्य अकादेमी, राष्ट्रीय पुरस्कार (1994); अज्ञेय राष्ट्रीय सम्मान (1997); हिंदी साहित्य को योगदान के लिए; ऑफिस ऑफ द आर्डर ऑफ क्रास (2004), पोलैंड गणराज्य; ऑफिसर डे ल' ऑर्डर देस आर्ट्स एट देस लेटर्स (2005), फ़्रांस गणराज्य; कबीर सम्मान, (2006) मध्य प्रदेश शासन; डी.लिट् (मानद) (2011), केंद्रीय विश्वविद्यालय, हैदराबाद।

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