Hirni Ke Liye

Ajit Kumar

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  • Year: 1993

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9788170161646

हिरनी के लिए
अजितकुमार का यह पांचवां कविता-संग्रह 'हिरनी के लिए' इस अर्थ में पिछले संग्रहों से भिन्न है कि जहाँ उनमें किसिम-किसिम की कविताएँ थीं, यहाँ केवल प्रेम- कविताएँ है । पर जितने अंशों में प्रेम 'विशुद्ध' से कुछ कम या अधिक एक 'मिश्रित' अनुभव है, ये कविताएँ दुख-तकलीफ, आशा-आकांक्षा-उदासी-मजबूरी आदि के भी अनुभव से जुडी नजर आएँगी ।
वैसे तो, मैकबेथ की भाँति, कइयों के लिए, समूचा जीवन ही 'सन्निपातग्रस्त ज्वर' होता है; यहाँ, इस संग्रह की संक्षिप्त भूमिका में कवि ने जिसे अपनी 'कांजेनिटल' अर्थात 'जन्मजात' मुसीबत बताया है, उससे छुटकारा जब मिलेगा, तब मिलेगा' ...  'कड़ुवे घूंट से कि मीठी गोली से, ज्वर, देर या सबेर, कभी-न-कभी टूटेगा । रहा सन्निपात, उसके थमने या बढने का ग्राफ सामने रहे, इस लिहाज से, कवि ने पिछले संग्रहों की भी एक-एक कविता पुस्तक के अंत में नत्थी कर दी है ।
हमें आशा है कि जिन्हें उपचार या पथ्य की आवश्यकता न हो, ऐसे पाठक भी इन कविताओं में निहित सजीवता से प्रमाणित होंगे और स्फूर्ति पाएँगे ।

Ajit Kumar

अजितकुमार पूरा नाम : अजितकुमार शंकर चौधरी जन्म : 9 जून, 1933, लखनऊ शिक्षा : इलाहाबाद विश्वविधालय से हिंदी में उच्च शिक्षा कार्य : पहले डी०ए०वी० कॉलेज, कानपुर (1953-56), फिर किरोडीमल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय (1962-1998) में अध्यापन, बीच की अवधि में विदेश मंत्रालय, नई दिल्ली (1956-1962) के हिंदी विभाग में अनुवाद । अब सेवानिवृत्त और लेखन में संलग्न । तिथिक्रम में प्रकाशन : स्वतंत्र लेखन : 'अकेले कंठ की पुकार' (कविता : 1958), 'अंकित होने दो' (विविधा : 1962), 'ये फूल नहीं' (कविता : 1970), "कविता का जीवित संसार' (आलोचना : 1972), 'छाता और चारपाई' (कहानियां : 1986), 'सफ़री झोले में', (यात्रा : 1986), 'घरौंदा' (कविता : 1987), 'हिरनी के लिए' (कविता : 1993), 'छुट्टियां' (उपन्यास : 1994), "यहां से कहीँ भी' (यात्रा : 1997), 'घोंघे' (कविता : 1996), 'इधर की हिंदी कविता' (आलोचना : 1999), 'ऊसर' (कविता : 2001), 'कविवर बच्चन के साथ' (अंकन : 2009), 'अंधेरे से जुगनू' (संस्मरण : 2010), 'सफरी झोले में कुछ और' (यात्रा : 2010), 'अजितकुमार रचना-संचयन' (2011), दिल्ली हमेशा दूर' (2012), ‘दूर वन से निकट वन में' (2012) । संपादन : 'बच्चन निकट से' (संस्मरण : 1968), 'कविताएं' (1954, 1963, 1964, 1965), 'हिंदी की प्रतिनिधि श्रेष्ठ कविताएं' (1, 2, 3), 'समीक्षायन' (1965), 'गद्य की पगडंडियां' (1967), "आचार्य शुक्ल विचारकोश' (1974), "बच्चन रचनावली' (नौ खंडों से बच्चन-समग्र : 1983), 'सुमित्रा कुमारी सिन्हा रचनावली' (1990), 'बच्चन के चुने हुए पत्र' (2001), 'कीर्ति चौधरी की कविताएं' (2006), ‘कीर्ति चौधरी की कहानियां' (2006), 'समग्र कविताएं' कीर्ति चौधरी (2010), 'नागपूजा और ओंकारनाथ की अन्य कहानियां' (2010), 'बच्चन कं साथ क्षण-भर' (संचयन : 2010), 'दुनिया रंग-बिरंगी' (2011) ।

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