Mere Mitra : Kuchh Mahilayen Kuchh Purush

Khushwant Singh

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  • Year: 2016

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9788170163503

मेरे मित्र : कुछ महिलाएँ, कुछ पुरुष
प्रस्तुत पुस्तक के विषय-व्यक्तित्व मैंने बिना कसी तरतीब के चुने है । इनमें भी वे महिलाएँ और पुरुष विशेष है, जिनसे कि 60 और 70 के दशकों में मेरी दोस्ती हुई । अपने बारे में मेरे इन उद्गारों को पाकर कुछ तो इतने नाराज हुए कि उनसे बोलचाल ही बंद हो गई, पर कुछ खुश भी हुए । उन्होंने माना के उनके प्रति मैंने अपने स्नेह का ही इजहार किया है । कुछ ऐसे भी है, जिन्होंने अपने बारे में मेरे लिखे को पढ़ने की जहमत उठाना भी गवारा नहीं किया और कहा कि मैं उनके बारे में चाहे जो सोचता रहूँ उससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है । पर अब आप ही बताएं कि उनके बारे में मेरा यह लिखना किसी काम का है या नहीं । -खुशवंत सिंह

Khushwant Singh

खुशवंत सिंह
15 अगस्त, 1915 हडाली (अब पाकिस्तान में) में जन्म ।  लाहौर से स्नातक तथा किंग्स कॉलेज, लंदन से एल-एल० बी० ।
1939 से 1947 तक लाहौर हाईकोर्ट में वकालत । विभाजन के बाद भारत की 'राजनयिक सेवा' के अंतर्गत कनाडा में 'इन्फॉर्मेशन अफसर' तथा इंग्लैंड में भारतीय उच्चायुक्त के 'प्रेस अटैची' के पद पर कार्य । कुछ वर्षों तक प्रिंस्टन तथा स्वार्थमोर विश्वविद्यालयों में अध्यापन ।
भारत लौटकर नौ वर्षों तक 'इलस्ट्रेटेड वीकली तथा तीन वर्षों त्तक 'हिन्दुस्तान टाइम्स' का संपादन । 1980 में राज्यसभा के सदस्य मनोनीत ।  1974 में प्राप्त पद्मभूषण की उपाधि वा 'ऑपरेशन ब्लू स्टार ' के विरोधस्वरूप त्याग । 'हिन्दुस्तान टाइम्स', 'वीक' और 'संडे आब्जर्वर' के लिए नियमित स्तंभ लिखे  तथा 'पेंगुइन बुक्स कंपनी इंडिया' के सलाहकार संपादक के रूप में भी कार्य किया।
पैतीस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित । प्रमुख हैं : ट्रेन टु पाकिस्तान ० हिस्ट्री  ऑफ सिख्स (दो खंड) ० रंजीत सिंह ०  दिल्ली ० मेरे मित्र : कुरु महिलाएँ कुछ पुरुष ० नेचर वॉच तथा कालीघाट टु कैलकटा । चार कहानी-संग्रहों तथा अनेक लेखमालाओं के अतिरिक्त उर्दू और पंजाबी से कई अनुवाद भी ।
स्मृति-शेष : 20 मार्च, 2014

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