Mera Hamdam Mera Dost

Kamleshwar

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  • Year: 1997

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9788170163916

मेरा हमदम मेरा दोस्त
"मेरा हमदम मेरा दोस्त' में बारह भारतीय रचनाकारों के जीवन के बेहद निजी शब्द-चित्र प्रस्तुत किये गये है । अपने समय की उत्कृष्ट स्तंभ-श्रृंखला के अंतर्गत प्रकाशित इन चर्चित साहित्यकारों के जीवन और कर्म का मार्मिक तथा यथार्थ चित्रण, पाठक इन संस्मरणों में पायेंगे ।
प्रस्तुत: रचनाकार पाठकों की अदालत के कठघरे में अनवरत खड़े रहने वाला एक अभिशप्त जीव है । उसके अंतरतम जीवन और प्रकाशित लेखनादर्शो का आमना-सामना भी प्राय: कराया जाता रहा है । पाठक अपेक्षा रखते है कि जीवन में उदात्तता को भर देने वाले चरित्रों का यह जनक भी नितांत मैल-गर्द मुक्त हो । जबकि क्रूर सत्य यह है कि लेखक अंतत: मनुष्य है बल्कि कहें कि आदमी के समक्ष वहीं ज्यादा आम आदमी है जो दूसरों की व्यथा को अपनी (जीवन) कथा में जोड़ने और भोगने को विवश है । अपने श्रम से वह दूसरों का स्वेद बहाता है और अपनी आँख में, वंचित के नेत्र-मल को मणि की तरह संरक्षित करना चाहता है । इस दोहरे संघर्ष और जीवन की नियमित अनिवार्यताओ को पूरा कर पाने की महातड़प में लेखक के व्यक्तित्व में प्राय: फाड़ आ जाती है और स्वभावत: वह 'सामान्य' व्यक्ति नहीं रह पाता । यह एक लेखक की जिंदगी का 'कुदृश्य' है जो वर्षों तक स्फटिक बनकर साहित्य के शीर्ष पर कौंधा करता है । यह किताब  रचनाकार के ऐसे ही जीवन-संसार का प्रत्पक्ष अवलोकन है । और सबसे सर्जनात्मक तथ्य यह कि इन शब्द-चित्त्रों ने लेखक तथा मूल विषय (हमदम, दोस्त) के बीच की तिरछी चितवन भी है, टकटकी, त्योरी, आँखमारी भी है और साथ ही है परिदर्शन, निगहबानी और कई स्थलों पर अनवलोकन अर्थात् नज़रअंदाजी भी । वास्तव में ये लेख साहित्यिक मित्रता के साहस, दुस्साहस, धैर्य, मनोबल, अभय तथा खुलेपन के अनुपम उदाहरण है ।
मित्रता के स्तर पर साहित्यिक दुनिया के समकालीन 'सांप्रदायिक' माहौल में यह किताब एक ऐसी तूलिका की भूमिका निभा सकती है जो किसी रचनाधर्मी के पोर्ट्रेट, लैंडस्केप, फोक पेटिंग, कार्टून-सभी कुछ के दक्षता के साथ एक ही कैनवस पर उतार सकती है । ऐसी साहित्यिक मित्रताओं को शायद ही कहीं कोई अन्य वर्णमाला मिली हो । इस दृष्टि से यह किताब योगदान नहीं, वरदान है ।

Kamleshwar

कमलेश्वर, जन्म : 6 जनवरी, 1932, मैनपुरी (उ०प्र०), शिक्षा : एम०ए० (हिंदी), इलाहाबाद विश्वविद्यालय। प्रकाशित कृतियाँ : राजा निरबंसिया, कस्बे का आदमी, बयान, जार्ज पंचम की नाक, खोई हुई दिशाएं, मांस का दरिया, इतने अच्छे दिन, कोहरा, रावल की रेल, समग्र कहानियां, दस प्रतिनिधि कहानियां, आजादी मुबारक (कहानी- संग्रह); एक सड़क सत्तावन गलियां, लौटे हुए मुसाफिर, तीसरा आदमी, समुद्र में सोया हुआ आदमी, काली आँधी, आगामी अतीत, रेगिस्तान, वही बात, सुबह दोपहर शाम, डाकबँगला, कितने पाकिस्तान, एक और चन्द्रकाता (दो भाग) (उपन्यास); कश्मीर : रात के बाद, देशन-देशांतर (यात्रान्-वृत्तांत); जो मैंने जिया, यादों के चिराग, जलती हुई नदी (आत्मकथा); नई कहानी की भूमिका, मेरा पन्ना, बंधक लोकतंत्र, सिलसिला थमता नहीं, घटनाचक्र, दस्तक देते सवाल, मेरे साक्षात्कार, अपनी निगाह में आदि (विदिध); गुलमोहर फिर खिलेगा आदि (संपादन); इंगित, संकेत, नई कहानियां, सारिका, श्रीवर्षा, गंगा, कथायात्रा, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर का संपादन (पत्रकारिता); चन्द्रकांता, आकाशगंगा, युग, रेत पर लिखे नाम, बिखेरे पन्ने, दर्पण आदि (सीरियल लेखन); आँधी, मौसम, अमानुष, द बर्निंग ट्रैन, राम बलराम, शैतान, पति-पत्नी और वह, नटवरलाल, सारा आकाश, डाकबँगला आदि लगभग 100 स्क्रिप्ट्स (फिल्में)।
स्मृति-शेष : 27 जनवरी, 2007

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