Kitaab Ke Bahaane

Nasera Sharma

Availability: In stock

Seller: KGPBOOKS

Qty:
700.00 525 +


  • Year: 2019

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9788170164975

आलोचना भी सृजनात्मक हो सकती है? यह विश्वास इस पुस्तक के वे सारे लेख देते हैं, जो हिंदी, उर्दू, फ़ारसी, अरबी व अंग्रेज़ी पुस्तकों पर लिखे गए हैं। जिनके द्वारा ज़िंदगी के कुछ अहम मुद्दे और संवेदना का संसार हमारे सामने उजागर होता है। ‘अलिफ़ लैला’ और ‘हज़ार व यक दास्तान’ की क़िस्सागोई की तरह किताब के बहाने भी किसी एक बिंदु से अपनी बात उठा तर्क व तथ्य के सहारे एक लेखक को कई लेखकों, इलाक़ों, विचारधाराओं और यथार्थ की अनगिनत पगडंडियों से जोड़ती अपनी परिक्रमा पूरी कर पाठकों को सोच के उस धरातल पर ले जाकर खड़ा करती है, जो उनको मौलिकता प्रदान करती एक नई दृष्टि देती है। किसी एक किताब का फ़लक कितना विस्तृत हो सकता है, इसके उदाहरण ये लेख हैं, जो देशी और विदेशी लेखकों द्वारा सभ्यता, समाज, साहित्य, नारी-आत्मकथा जैसे विषयों पर लिखे गए हैं। ये लेख सात सौ वर्ष पहले लिखी पुस्तक से लेकर बीसवीं सदी के अंतिम वर्षों तक लिखी कृतियों से हमारा परिचय कराते हैं। लेखिका का अपना विश्वास हैµ‘‘किताबों के अलावा मेरा कोई ख़ुदा नहीं है।’’

Nasera Sharma

नासिरा शर्मा
जन्म : 1948, इलाहाबाद
फारसी भाषा-साहित्य में एम०ए० हिंदी, उर्दू फारसी, पश्तो, अंग्रेजी पर गहरी पकड़।ईरानी समाज और राजनीति के अतिरिक्त साहित्य, कला व संस्कृति विषयों की विशेषज्ञ। इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ईरान तथा भारत के राजनीतिज्ञों तथा प्रसिद्ध बुद्धिजीवियों के साथ साक्षात्कार किए, जो बहुचर्चित हुए। ईरानी युद्धबंदियों पर जर्मन व फ्रेंच टेलीविजन के लिए बनी फिल्म में महत्त्वपूर्ण योगदान।
प्रकाशित कृतियां  : 'सात नदियां एक समंदर', 'शाल्मली', ‘ठीकरे की मंगनी', 'जिंदा-मुहावरे', 'अक्षयवट', 'बूँद' (उपन्यास) ० 'शामी काग़ज़', 'पत्थरगली', 'संगसार', 'इब्ने मरियम', 'सबीना के चालीस चोर', 'खुदा की वापसी', 'इंसानी नस्ल', 'दूसरा ताजमहल', 'बुतखाना', 'गूँगा आसमान', 'शीर्ष कहानियाँ' (कहानी-संग्रह) ० 'किताब के बहाने', 'औरत के लिए औरत', 'राष्ट्र और मुसलमान' (लेख-संग्रह) ०  'जहाँ फौव्वारे लहू रोते हैं' (रिपोर्ताज़) ०  'अफगानिस्तान : बुज़कशी मैदान' (दो खडों में), 'मरजीना का देश : इराक', (इलाकाई अध्ययन) ० 'शाहनामा-ए-फिरदौसी', 'गुलिस्तान-ए-सादी', 'बर्निंग पयार', 'इकोज़ ऑफ  ईरानियन  रेवोल्यूशन : प्रोटेस्ट पोयट्री', 'किस्सा जाम का', 'काली छोटी मछली', 'आवारा कुत्ता (अनुवाद) ० 'दहलीज़', 'सबीना के चालीस चोर’, (नाटक) ० 'वापसी', 'सरज़मीन', 'बदला जमाना', 'शाल्मली' (सीरियल) ० 'मां', 'तड़प', 'आया बसंत सखी', 'काली मोहिनी', 'सेमल दरख्त', 'बावली' (टी०वी० फिल्म) ० 'पढ़ने का हक', 'सच्ची सहेली', 'गिलोबी', 'धन्यवाद ! धन्यवाद !' (साक्षरता) ० 'संसार अपने-अपने' (बाल-साहित्य) ० 'सारिका', 'पुनश्च' का ईरानी क्रांति विशेषांक (संयोजन एवं अनुवाद)

Scroll