Barhai, Kumhaar Aur Kavi

Ekant Shrivastva

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  • Year: 2013

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789382114192

बढ़ई, कुम्हार और कवि
एकान्त श्रीवास्तव मूलतः कवि हैं, काल सजग कवि। यह सजगता उन्हें समय और समाज की विसंगतियों को देखने और कविता में दर्ज करने के साथ-साथ अपनी काव्य परंपरा की पड़ताल की ओर भी ले जाती है। ‘कविता का आत्मपक्ष’ के बाद यह उनकी दूसरी आलोचना पुस्तक है, जिसमें उन्होंने मुक्तिबोध से विष्णु नागर तक बाईस कवियों के संपूर्ण रचनात्मक अवदानों अथवा चर्चित कविताओं को केंद्र में रखकर आजादी के बाद की कविता पर विचार करने का उपक्रम किया है।
इन आलेखों की विशेषता यह है कि इनमें अपने समय की रचनाशीलता को पृष्ठभूमि में रखकर निकट पूर्व के कवियों के सृजन को समझने की सार्थक कोशिश की गई है, जिससे आलोचना में केवल शैलीगत नयापन ही नहीं आया है, कुछ कविताओं के नए अर्थ भी उद्घाटित हुए हैं। इस दृष्टि से यह पुस्तक एक उपलब्धि है, क्योंकि यही वह काम है जो पेशेवर आलोचना नहीं कर पाती, जो राजेश जोशी, विजय कुमार और लीलाधर मंडलोई जैसे कवि ही कर पाते हैं। और अब इस कड़ी में एक नाम एकान्त का भी जुड़ गया है।
नौवें दशक के कवियों के सृजन संसार से तो हिंदी के पाठक परिचित रहे हैं, लेकिन उनकी समझ के विस्तार की जानकारी देने वाली शायद यह पहली किताब है जिसका स्वागत किया जाना चाहिए। पुस्तक में कुछ और भी ऐसी सामग्री है जो पाठकों का ध्यान खींचेगी।

Ekant Shrivastva

एकान्त श्रीवास्तव
जन्म: 8 फरवरी, 1964, जिला रायपुर (छत्तीसगढ़) का एक कस्बा छुरा।
शिक्षा: एम.ए. (हिंदी), एम.एड., पी-एच.डी.
प्रकाशित  कृतियां: ‘अन्न हैं मेरे शब्द’ (1994), ‘मिट्टी से कहूंगा धन्यवाद’ (2000), ‘बीज से फूल तक’ (2003) (कविता-संग्रह) ०  ‘कविता का आत्मपक्ष’ (2006) (निबंध) ०  ‘शेल्टर फ्राम दि रेन’ (2007) (अंग्रेजी में अनूदित कविताएं) ०  ‘मेरे दिन मेरे वर्ष’ (2009) (स्मृति कथा) ०  ‘नागकेसर का देश यह’ (2009) (लंबी कविता) तथा ‘बढ़ई, कुम्हार और कवि’ (2013) (आलोचना)।
पुरस्कार: शरद बिल्लौरे, रामविलास शर्मा, ठाकुर प्रसाद, दुष्यंत कुमार, केदार, नरेन्द्र देव वर्मा, सूत्र, हेमंत स्मृति, जगत ज्योति स्मृति, वर्तमान साहित्य-मलखान सिंह सिसौदिया कविता पुरस्कार।
अनुवाद: कविताएं अंग्रेज़ी व कुछ भारतीय भाषाओं में अनूदित। लोर्का, नाज़िम हिकमत और कुछ दक्षिण अफ्रीकी कवियों की कविताओं का अंग्रेज़ी से हिंदी अनुवाद।
संपादन: नवंबर, 2006 से दिसंबर, 2008 तक तथा जनवरी, 2011 से पुनः ‘वागर्थ’ का संपादन।

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