Saamveda : Yuvaon Ke Liye (Paperback)

Dr. Pravesh Saxena

Availability: In stock

Seller: KGPBOOKS

Qty:
120 + Free Shipping


  • Year: 2016

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Arya Prakashan Mandal

  • ISBN No: 978-81-89982-15-7

सामवेद: युवाओं के लिए
‘वेद: युवाओं के लिए’ ग्रन्थमाला की दूसरी पुस्तक ‘सामवेद: युवाओं के लिए’ प्रस्तुत है। इसमें सामवेद के 93 मन्त्रों की व्याख्याएँ बिलकुल नवीन एवं मौलिक रूप से की गई हैं। आज का युवा संगीत के स्वरों पर थिरकता है, नई-नई शैलियों के गीत गुनगुनाता है। उसके लिए प्रस्तुत हैं संगीत के मूल ग्रन्थ सामवेद के मन्त्र। इन मन्त्रों के अर्थ भी जीवन के लिए प्रेरणास्पद हैं। संगीत की वाणी सबको मुग्ध कर देती है। सामवेद वाणी की विशेषताओं को रेखांकित करता है। मधुर वाणी बोलने को प्रेरित करता है। नवसृजन के गीत जीवनप्रवाह को गति देते हैं, आनन्दित करते हैं। मौसम की विशेषताएँ, विश्रामदायिनी रात, पशु-प्रेम जैसे नवीन विषय यहाँ चर्चित हुए हैं। अतः युवाओं के साथ-साथ बड़ों के लिए भी (जो मन से युवा हैं) यह पुस्तक प्रस्तुत है।

Dr. Pravesh Saxena

डा. प्रवेश सक्सेना
शिक्षा-दीक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से। सम्प्रति दिल्ली विश्वविद्यालय के ज़ाकिर हुसैन पोस्ट ग्रेजुएट कालेज (सान्ध्य), नई दिल्ली में संस्कृत विभाग में रीडर-पद पर अध्यापनरत।
लेखन-कार्य
हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेज़ी भाषाओं में। कविता, कहानी, लेख, शोधपरक लेखन, राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। कविताओं, वार्ताओं आदि का रेडियो, दूरदर्शन पर प्रसारण। अनेक अखिल भारतीय सम्मेलनों एवं काव्यगोष्ठियों में सहभागिता। अन्तर्राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलनों में शोध-पत्र प्रस्तुत। महाविद्यालयों, विद्यालयों, अन्य धार्मिक, सांस्कृतिक संस्थाओं में भाषण-व्याख्यान। कुछ वर्ष तक वेद संस्थान की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘वेद-सविता’ का सम्पादन।
प्रकाशित पुस्तकें
'Aditya From The Rigveda To The Upanisads’ ‘अनुभूति’, ‘राष्ट्रदेवता’ (संस्कृत कविता), ‘मरीचिका’, ‘अनुष्का’ (सम्पादित), ‘शब्दयायावर’, ‘हँसता-गाता बचपन’ (हिन्दी कविता), ‘संस्कृत, संस्कृति और पर्यावरण’, ‘वेदों में पर्यावरण संरक्षण’, ‘अवसाद से प्रसाद की ओर’ (वैदिक मनोविज्ञान), ‘अन्तिम प्रार्थना’ (मृत्यु सम्बन्धी विवेचन), ‘वैदिक वाङ्मय में प्राण’ (सम्पादित), ‘वेदों में क्या है?’, ‘भारतीय दर्शनों में क्या है?’, ‘श्रुतिनैवेद्यम्’, ‘नाट्यसूक्ति- समुच्चय’, ‘चाणक्यसूत्राम्’, ‘ऋग्वेद: युवाओं के लिए’, ‘सामवेद: युवाओं के लिए’ तथा ‘यजुर्वेद: युवाओं के लिए’।
पुरस्कार एवं सम्मान : दिल्ली संस्कृत अकादमी, इन्द्रप्रस्थ साहित्य भारती, भावना कला केन्द्रादि द्वारा, हिन्दी अकादमी द्वारा।

Scroll