Path Prajya (Paperback)

Veena Sinha

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  • Year: 1998

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-81-7016-427-2

‘पथ प्रज्ञा' श्रीमती वीणा सिन्हा की एक उल्लेखनीय औपन्यासिक कृति है। प्रागैतिहासिक काल की एक प्रचलित कथा का पुनर्पाठ करती लेखिका ने ‘पथ प्रज्ञा' माधवी के माध्यम से समाज के नियंताओं द्वारा नारी-शोषण की अद्यतन प्रवृत्ति का सूत्र पकड़ा है। वैदिक राजाओं के यहाँ और आश्रमों में व्याप्त नारी-शोषण की कथा इस उपन्यास के केन्द्र में है। यहाँ उदात्त कर्मों के लिए समर्पित दिखने वाले ऋषि आश्रमों के नियंता हैं। ययाति जैसे दानवीर एवं ऋषियों का सम्मान करने वाले धर्म-प्रवण यशस्वी राजा हैं। गालव अपने गुरु विश्वामित्र को गुरुदक्षिणा दे सके, इसके लिए अपनी पुत्री माधवी को देह के उपयोग का आदेश देने वाले ययाति हैं। राजा के इस मनमाने आदेश पर शास्त्र-सम्मति की मुहर लगाने वाली दरबारी व्यवस्था है। राजकन्या की देह को एक समयावधि तक भोग कर एक यशस्वी पुत्र एवं गुरुदक्षिणा का एक अंश वसूलने वाले स्वयं ऋषि विश्वामित्र भी हैं।
इस उपन्यास की देह में भोग-विलास में डूबे रहने वाले हर्यश्व से लेकर एकपत्नीनिष्ठ दिवोदास और सच्चे प्रेमी तथा शास्त्र-सम्मत कर्म करने वाले उशीनर जैसे अयोध्या, काशी और भोजनगर राज्यों के राजा चित्रित हैं। मगर यह आश्चर्यजनक तथ्य है कि माधवी की देह का एक निश्चित अवधि तक शुल्क देकर भोग करना इन तीनों ही राज्यों में नियमविरुद्ध नहीं है। नारी-शोषण के इस सनातन रूप को लेखिका मानो आज की तिथि में शपथ-पत्र की तरह प्रस्तुत करती है। सत्य-संरक्षण की ऐसी विश्वसनीयता समकालीन लेखन में दुर्लभ है। इसीलिए इस उपन्यास को एक उल्लेखनीय कृति कहा गया है।
इस उपन्यास में स्त्री-पुरुष के स्थूल और सूक्ष्म स्तर के परस्पर संबंधों, व्यष्टि-समष्टि तथा व्यक्ति और राज्य के रिश्तों एवं ज्योतिष और दर्शन जैसे गूढ़ विषयों पर सार्थक और पारिभाषिक वार्तालाप इस कृति का एक और महत्त्वपूर्ण पक्ष है।
उपन्यास के अंत में माधवी द्वारा लिया गया निर्णय समाज द्वारा नारी के अपपाठ की एक प्रतिक्रिया है जहाँ माधवी सक्रिय नहीं, सार्थक होती है।
और अंत में यह भी कि वैदिक काल के सूक्ष्म और गहन अध्ययन-विश्लेषण के कारण ही लेखिका ने भाषा में संस्कृतनिष्ठता तथा बाणभट्ट के जैसे भाषा-लालित्य का समावेश करके उसे युगानुरूप बनाने की चेष्टा की है।

Veena Sinha


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