NATOHAM (Paperback)

Meenakshi Swamy

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  • Year: 2016

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Amarsatya Prakashan

  • ISBN No: 978-93-83234-57-8

लब्धप्रतिष्ठ रचनाकार मीनाक्षी स्वामी का बहुचर्चित उपन्यास 'नतोअहं ' भारतभूमि के वैभवशाली अतीत और वर्तमान गौरव के सम्मुख विश्व के नतमस्तक होने का साक्षी है। यह भारतीय संस्कृति की बाह्म जगत् से आंतरिक जगत् की विस्मयकारी यात्रा करवाने की सामर्थ्य के अनावरण का अद्भुत परिणाम है।
भारतीय संस्कृति के विराटू वैभव का दर्शन होता है—संस्कृतिक नगरी उज्जयिनी में बारह वर्षों में होने वाले सिंहस्थ के विश्वस्तरीय आयोजन में। उज्जयिनी का केंद्र शिप्रा है। इसके किनारे होने वाले सिंहस्थ में देश भर के आध्यात्मिक रहस्य और सिद्धियां एकजुट हो जाती हैं। इन्हें देखने, जानने को विश्व भर के जिज्ञासु अपना दृष्टिकोण लिए यहां एकत्र हो जाते हैं। तब इस पवित्र धरती पर मन-प्राण में उपजने वाले सूक्ष्मतम भावों की सशक्त  अभिव्यक्ति है यह उपन्यास ।
इसमें मंत्रमुग्ध करने वाली भारतीय संस्कृति व सनातन धर्म के सभी पहलुओं पर वैज्ञानिक चिंतन  है, भारतीय अध्यात्म के विभिन्न पहलुओं को खरेपन के साथ उकेरा गया है।
उज्जयिनी अनवरत सांस्कृतिक प्रवाह की साही है। यह केवल धर्म नहीं, समूची संस्कृति है, जिसमें कलाएं हैं, साहित्य है, ज्ञान है, विज्ञान है, आस्था है,  परंपरा है और भी बहुत कुछ है। यात्रा वृत्तांत शैली के इस उपन्यास में उज्जयिनी के बहाने भारतीय दर्शन, परंपराओं और संस्कृति की खोज है जो सुदूर विदेशियों को भी आकर्षित करती है। उज्जयिनी के लोक जीवन को झांकी के साथ भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं का सतत आख्यान है जो पुरा मनीषियों की मेधा का महकता प्रतीक है।
उपन्यास के विलक्षण कथा संसार को कुशल लेखिका ने अपनी लेखनी के संस्पर्श से अनन्य बना दिया है। नायक एल्विस के साथ पाठक शिप्रा के प्रवाह में प्रवाहित होता है, डुबकी लगाता है।
'भूभल' जैसे सशक्त उपन्यास से कीर्ति पाने के बाद बहुचर्चित रचनाकार मीनाक्षी स्वामी का नवीनतम उपन्यास 'नतोअहं ' तथाकथित आधुनिकता से आक्रांत भारतीय जनमानस की अपनी जडों की ओर आकृष्ट करता है। भारतीय संस्कृति व अध्यात्म की खोज में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अप्रतिम उपहार है।

Meenakshi Swamy

डॉ. मीनाक्षी स्वामी 
चर्चित कृतियां : भूभल, नतोअहं (उपन्यास), अच्छा हुआ मुझे शकील से प्यार नहीं हुआ, धरती की डिबिया (कहानी संग्रह) , लाला जी ने पकडे कान (किशोर उपन्यास) , कटघरे में पीडित, अस्मिता की अग्निपरीक्षा (स्त्री विमर्श) , भारत में संवैधानिक समन्वय और व्यावहारिक विघटन, पुलिस और समाज (समाज विमर्श), आदि चालीस पुस्तकें
प्रतिष्ठित पुरस्कार सम्मान : भारत सरकार, मध्य प्रदेश और उत्तर संदेश सरकार द्वारा तीस राष्ट्रीय विविध पुरस्कार।  जैसे—केंद्रीय पर्यावरणा व वन मंत्रालय द्वारा फिल्म सिक्रप्ट पर राष्ट्रीय पुरस्कार, केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पं. गोविन्दवल्लभ पंत पुरस्कार, सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा भारतेन्दु हरिश्चन्द्र पुरस्कार, संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा पं. मोतीलाल नेहरू पुरस्कार, मध्य प्रदेश विधानसभा द्वारा डॉ. भीमराव आमबेडकर राष्ट्रीय पुरस्कार, मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा स्वर्ण जायंती कहानी पुरस्कार , आकाशवाणी , नई दिल्ली द्वारा रूपक लेखन का राष्ट्रीय पुरस्कार, एन. सी. ई. आर. टी., नई दिल्ली द्वारा बाल साहित्य व चिल्ड्रन  बुक ट्रस्ट द्वारा किशोर साहित्य के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार, सहस्राब्दि विश्व हिंदी सम्मेलन में उत्कृष्ट लेखकीय योगदान के लिए सम्मानित, साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश द्वारा उपन्यास 'भूभल' पर बालकृष्णा शर्मा नवीन पुरस्कार, साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश द्वारा उपन्यास 'नतोअहं' पर अखिल भारतीय वीरसिंह देव पुरस्कार।

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