Kavi Ne Kaha : Vishnu Nagar (Paperback)

Vishnu Nagar

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  • Year: 2016

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-93-85054-51-8

कवि ने कहा: विष्णु नागर
कविता की दुनिया में तीन दशक से भी अधिक सक्रिय विष्णु नागर की प्रतिनिधि कविताओं के इस संकलन में आपको उनकी कविताओं में समय के साथ आता बदलाव तो दिखाई देगा ही, यह भी दिखाई देगा कि वह सिर्फ व्यंग्य और विडंबना के कवि नहीं हैं। उनकी कविता में जीवन के अनेक पक्ष हैं, क्योंकि वह जीवन को उसकी संपूर्णता में देखने का प्रयास करते हैं। वह अपने समय की राजनीति और समाज की विडंबनाओं को भी देखते हैं और जीवन के विभिन्न रूपों में पाई जाने वाली करुणा, प्रेम, हताशा, विनोद को भी। उनके यहाँ जीवन की आपाधापी में लगे लोगों पर भी कविता है और अपने प्रिय की मृत्यु की एकांतिक वेदना को सहते लोगों पर भी। उनकी कविता से गुजरना छोटी कविता की ताकत से भी गुजरना है जो अपनी पीढ़ी में सबसे ज्यादा उन्होंने लिखी है। उनकी कविता से गुजरना कविता की सहजता को फिर से हासिल करना है। उनकी कविता से गुजरना व्यंग्य और करुणा की ताकत से गुजरना है। उनकी कविता से गुजरना अपने समय की राजनीति से साहसपूर्ण साक्षात्कार करना है। उनकी कविता से गुजरना विभिन्न शिल्पों, अनुभवों, संरचनाओं से गुजरना है और इस अहसास से गुजरना है कि विष्णु नागर सचमुच अपनी तरह के अलग कवि हैं। उनकी कविता को पढ़कर यह नहीं लगता कि यह किसी के अनुकरण या छाया में लिखी गई कविता है। यह मुक्ति के स्वप्न की कविता है, संसार के बदलने की आकांक्षा की कविता है। यह इतनी स्वाभाविक कविता है, जितनी कि हिंदी हमारे लिए है।


Vishnu Nagar

विष्णु नागर
जन्म: 14 जून, 1950
पत्राकारिता: एच.टी. मीडिया प्रकाशन की हिंदी मासिक पत्रिका ‘कादम्बिनी’ के कार्यकारी संपादक। इससे पहले ‘हिंदुस्तान’ के विशेष संवाददाता रहे। ‘नवभारत टाइम्स’ में विशेष संवाददाता सहित विभिन्न पदों पर रहे। द वॉइस आफ जर्मनी, कोलोन (जर्मनी) में दो वर्ष तक हिंदी सेवा के संपादक रहे। 
पुस्तकें: ‘मैं फिर कहता हूँ चिड़िया’, ‘तालाब में डूबी छह लड़कियाँ’, ‘संसार बदल जाएगा’, ‘बच्चे, पिता और माँ’, ‘कुछ चीजें कभी खोई नहीं’ तथा ‘हँसने की तरह रोना’ (काव्य-संग्रह); ‘आज का दिन’, ‘आदमी की मुश्किल’, ‘कुछ दूर’, ‘आख्यान’, ‘ईश्वर की कहानियाँ’ (कथा-संग्रह); ‘आज और अभी’, ‘हमें देखती आँखें’, ‘यथार्थ की माया’ (लेख: निबंध); ‘कविता के साथ- साथ’ (साहित्यिक लेख, समीक्षा, डायरी); घोड़ा और घास’, ‘राष्ट्रीय नाक’, ‘जीव-जंतु और पुराण’, ‘नई जनता आ चुकी है’, ‘देश सेवा का धंधा’ (व्यंग्य-संग्रह); ‘स्वर्ग में आदमी’ (उपन्यास)।
संपादन: साहित्य लेखन की पाँच पुस्तकों का संपादन। नवसाक्षरों के लिए कई पुस्तिकाओं का संपादन एवं लेखन।
सम्मान: कहानी के लिए कथा सम्मान, समग्र लेखन के लिए शिखर सम्मान (मध्य प्रदेश सरकार) तथा हिंदी अकादमी, दिल्ली का साहित्य सम्मान, कविता के लिए शमशेर सम्मान तथा आउटलुक (हिंदी) द्वारा व्यापक सर्वेक्षण के आधार पर हिंदी के दस लोकप्रिय लेखकों की सूची में शामिल।

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