Hindi Sahitya Ka Itihas (Paperback)

Hemant Kukreti

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  • Year: 2015

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-93-85054-35-8

‘साहित्य के बेहतर इतिहास में तथ्यों का वस्तुनिष्ठ परीक्षण और पूर्वग्रहरहित विश्लेषण होता है।’ ‘महान साहित्य अपने समय के प्रश्नों और समाज से अलग नहीं होता और न रचनाकार का विवेक इतिहास से स्वायत्त होता है।’ ‘एक अच्छे इतिहास में भाषा और साहित्य की सांस्कृतिक परंपरा, लेखकीय रचनात्मकता का विश्लेषण, देशकाल वातावरण के द्वंद्व और घात-प्रतिघात का संतुलित विश्लेषण किया जाता है। इतिहास लेखन में विकासवादी नजरिया और वैज्ञानिक प्रस्तुति होनी चाहिए।’ हेमंत कुकरेती की ये उपर्युक्त पंक्तियां उनके साहित्य इतिहासबोध को स्पष्ट करती हैं।
यह अब तक प्रकाशित हिंदी साहित्य का सबसे अद्यतन इतिहास है। हिंदी गीत, गजल इत्यादि से लेकर पत्रकारिता, तमाम गद्य-विधएं, स्त्री एवं दलित विमर्श एवं लेखन के विकास का विश्लेषण किया गया है। इस मायने में यह हिंदी साहित्य का इतिहास आचार्य शुक्ल, द्विवेदी जी, डाॅ. रामविलास शर्मा इत्यादि की परंपरा को आगे बढ़ाता है।

Hemant Kukreti

हेमंत कुकरेती 
दिल्ली में जन्मे हेमंत कुकरेती महानगरीय जीवन के महत्त्वपूर्ण कवि हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से यू. जी. सी. फेलोशिप योजना के तहत भारतेन्दु और शंकर शेष के नाटकों पर एम. फिल. और पी-एच. डी. की उपाधिप्राप्त की
पत्र-पत्रिकाओं में कविता के अलावा समीक्षात्मक टिप्पणियाँ तथा कला-संस्कृति, फिल्म और रंगमंच पर नियमित लेखन
आकाशवाणी-दूरदर्शन के लिए रचनात्मक कार्य। महत्त्वपूर्ण साहित्यिक आयोजनों में आलेख एवं काव्य-पाठ। समकालीन कविता के प्रतिनिधिकाव्य-संकलनों के सहयोगी कवि
प्रकाशन : ‘चलने से पहले’, ‘नया बस्ता’, ‘चाँद पर नाव’, ‘कभी जल कभी जाल’, ‘धूप के बीज’ (कविता-संग्रह); ‘भारतेन्दु और उनकी अंधेर नगरी’, ‘शंकर शेष के नाटकों में संघर्ष चेतना’ (आलोचना); ‘शंकर शेष: समग्र नाटक’ (संपादन); रूसी, पंजाबी, मराठी, कन्नड़, उर्दू, उड़िया, असमी व जर्मनी में कविताएँ अनूदित
सम्मान: ‘भारतभूषण अग्रवाल सम्मान’ (2001), ‘कृति सम्मान’ (2002), ‘केदार सम्मान’ (2003)

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