Dus Pratinidhi Kahaniyan : Sanjiv (Paperback)

Sanjeev

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  • Year: 2012

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-81-7016-624-5

दस प्रतिनिधि कहानियाँ : संजीव
कहानियों सें विषयों के व्यापक शोध, अनुभव के संदर्भ, समसामयिक प्रसंग और प्रश्न तथा पठनीय वृत्तांतों का संयुक्त एव सार्वजनिक संसार ही संजीव की कहानियाँ चुनता-बुनता है। इन कथाओं की सविस्तार प्रस्तुति से अभिव्यक्त समाहार का अवदान इस कथाकार को उल्लेख्य बनाता है। घटनाओं की क्रीड़ास्थली बनाकर कहानी को पठनीय बनाने में इस कहानीकार की विशेष रुचि नहीं होती बल्कि यह ऐसे सारपूर्ण कथानक की सुसज्जा में पाठक को ले जाता है, जहाँ समकालीन जीवन का जटिल और क्रूर यथार्थ है तथा पारंपरिक कथाभूमि की निरूपणता और अतिक्रमणता भी । यथार्थ के अमंगल ग्रह को, पढ़वा लेने की साहिबी इस कथाकार को सहज ही प्राप्त है, जिसे इस संग्रह की कहानियों में साक्षात् अनुभव किया जा सकता है ।
प्रस्तुत कहानियों के कथानक सुप्त और सक्रिय ऐसे 'ज्वालामुखी' है, जो हमारे समय में सर्वत्र फैले हैं और समाचार तथा विचार के मध्य पिसते निम्नवर्गीय व्यक्ति के संघर्ष और जिजीविषा के लिए प्रेतबाघा बने हैँ। अनगिनत सुखों और सुविधाओं के बीच मनुष्य जाति का यह अधिकांश हिस्सा क्यों वंचित, शोषित छूट गया है- इस तथ्य की पड़ताल ये कहानियाँ पूर्णत: लेखकीय प्रतिबद्धता के साथ करती है ।
सजीव द्वारा स्वयं चुनी गई ‘दस प्रतिनिधि कहानियाँ' हैं- 'अपराध', 'टीस', 'प्रेत-मुक्ति' 'पुन्नी माटी', 'ऑपरेशन जोनाकी', 'प्रेरणास्रोत', 'सागर सीमांत', 'आरोहण', 'नस्ल' तथा 'मानपत्र' ।

Sanjeev

संजीव
जन्म : 6 जुलाई, 1947 को सुलतानपुर (उ०प्र०) के बांगर कलाँ गाँव में 
शिक्षा : बी०एस-सी०, ए०आई०सी० (भारत) शिक्षा-दीक्षा पश्चिम बंगाल में
रचनाएँ :-कथा-संग्रह : 'तीस साल का सफरनामा', 'आप यहाँ हैं', 'भूमिका और अन्य कहानियाँ', 'दुनिया की सबसे हसीन औरत', 'प्रेतमुक्त', 'प्रेरणास्रोत तथा अन्य कहानियाँ', 'ब्लैक होल', 'खोज', 'डायन और अन्य कहानियाँ'; उपन्यास : "किशनगढ़ के अहेरी', 'सर्कस', 'सावधान! नीचे आग है', 'धार', 'पाँव तले की दूब', 'जंगल जहाँ शुरू होता है', 'सूत्रधार', 'रह गई दिशाएँ इसी पार'; किशोर उपन्यास : रानी की सराय; नाटक : ऑपरेशन जोनाकी
सम्मान : इंदु शर्मा अंतर्राष्ट्रीय कथा सम्मान, 2001

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