Dus Pratinidhi Kahaniyan : Ravindra Kaliya (Paperback)

Ravindra Kalia

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  • Year: 2015

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-93-83233-09-0

दस प्रतिनिधि कहानियाँ : रवीन्द्र कालिया
'दस प्रतिनिधि कहानियाँ' सीरीज़ किताबघर प्रकाशन की एक महत्त्वाकांक्षी कथा-योजना है, जिसमें हिन्दी कथा-जगत् के सभी शीर्षस्थ कथाकारों को प्रस्तुत किया जा रहा है ।
इस सीरीज़ में सम्मिलित कहानीकारों से यह अपेक्षा की गई है कि वे अपने संपूर्ण कथा-दौर से उन दस कहानियों का चयन करें, जो पाठको, समीक्षकों तथा संपादकों के लिए मील का पत्थर रही हों तथा ये ऐसी कहानियाँ भी हों, जिनकी वजह से उन्हें स्वयं को भी कहानीकार होने का अहसास बना रहा हो। भूमिका-स्वरूप कथाकार का एक वक्तव्य भी इस सीरीज़ के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसमें प्रस्तुत कहानियों को प्रतिनिधित्व सौंपने की बात पर चर्चा करना अपेक्षित रहा है ।
किताबघर प्रकाशन गौरवान्वित है कि इस सीरीज़ के लिए सभी कथाकारों का उसे सहज सहयोग मिला है। इस सीरीज़ के महत्त्वपूर्ण कथाकार रवीन्द्र कालिया ने प्रस्तुत संकलन में अपनी जिन दस कहानियों को प्रस्तुत किया है, वे हैं : 'नौ साल छोटी पत्नी', 'सिर्फ एक दिन', 'बड़े शहर का आदमी', 'अकहानी', 'मौत', 'सत्ताईस साल की उमर तक', 'हथकड़ी', 'चाल', 'सुंदरी' तथा 'रूप की रानी चोरों का राजा' ।
हमें विश्वास है कि इस सीरीज़ के माध्यम से पाठक सुविख्यात लेखक रवीन्द्र कालिया की प्रतिनिधि कहानियों को एक ही जिल्द में पाकर सुखद पाठकीय संतोष का अनुभव करेंगें ।

Ravindra Kalia

रवीन्द्र कालिया जन्म : 11 नवंबर, 1938, जालंधर, पंजाब शिक्षा : बी०ए० (ऑनर्स), एम०ए० (हिंदी साहित्य) पूर्व सेवा : केंद्रीय हिंदी निदेशालय में 'भाषा' पत्रिका में शोध सहायक ० टाइम्म ऑव इंडिया प्रकाशन, 'धर्मयुग' के संपादकीय विभाग से संबद्ध ० 'गंगा यमुना' साप्ताहिक समाचार-पत्र का संपादन प्रमुख प्रकाशित कृतियाँ : 'नौ साल छोटी पत्नी', 'सत्ताईस साल की उमर तक', 'गरीबी हटाओ', 'चकैया नीम, 'ज़रा-सी रोशनी', 'रवीन्द्र कालिया की कहानियाँ', 'दस प्रतिनिधि कहानियाँ', (कहानी-समग्र) ० 'खुदा सही-सलामत है' (दो खडों में), 'ए० बी० सी० डी०' (उपन्यास) ० 'कॉमरेड मोनालिसा', 'स्मृतियों की जन्मपत्री', 'सृजन के सहयात्री', 'गालिब छुटी शराब' (संस्मरण) ० 'नींद क्यों रात भर नहीं आती', 'राग मिलावट माल कौंस' (व्यंग्य-संग्रह) विशिष्ट संपादन : 1992 : 'वर्तमान साहित्य' पत्रिका के एक हजार पृष्ठ के कहानी महाविशेषांक का संपादन सम्मान एवं पुरस्कार : केंद्रीय हिंदी निदेशालय का अहिंदीभाषी लेखक पुरस्कार ० 'खुदा सही-सलामत है' पर उ०प्र० हिंदी संस्थान का प्रेमचंद स्मृति सम्मान ० हिंदी संस्थान द्वारा 'गरीबी हटाओ' कहानी-संग्रह पुरस्कृत ० म०प्र० साहित्य अकादेमी द्वारा 'गालिब छुटी शराब' पर पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी सम्मान (2004)

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