Dus Pratinidhi Kahaniyan : Om Prakash Valmiki (Paperback)

Om Prakash Valmiki

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  • Year: 2013

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 978-93-83233-12-0

दस प्रतिनिधि कहानियां : ओमप्रकाश वाल्मीकि
'दस प्रतिनिधि कहानियाँ' सीरीज़ किताबघर प्रकाशन की एक महत्त्वाकांक्षी कथा-योजना है, जिसमें हिन्दी कथा-जगत् के सभी शीर्षस्थ कथाकारों को प्रस्तुत किया जा रहा है ।
इस सीरीज़ में सम्मिलित कहानीकारों से यह अपेक्षा की गई है कि वे अपने संपूर्ण कथा-दौर से उन दस कहानियों का चयन करें, जो पाठको, समीक्षकों तथा संपादकों के लिए मील का पत्थर रही हों तथा ये ऐसी कहानियाँ भी हों, जिनकी वजह से उन्हें स्वयं को भी कहानीकार होने का अहसास बना रहा हो। भूमिका-स्वरूप कथाकार का एक वक्तव्य भी इस सीरीज़ के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसमें प्रस्तुत कहानियों को प्रतिनिधित्व सौंपने की बात पर चर्चा करना अपेक्षित रहा है ।
किताबघर प्रकाशन गौरवान्वित है कि इस सीरीज़ के लिए सभी कथाकारों का उसे सहज सहयोग मिला है। इस सीरीज़ के महत्त्वपूर्ण कथाकार ओमप्रकाश वाल्मीकि ने प्रस्तुत संकलन में अपनी जिन दस कहानियों को प्रस्तुत किया है, वे हैं: ‘बैल की खाल’, ‘अम्मा’, ‘बंधुआ लोकतंत्रा’, ‘पीटर मिश्रा’, ‘शवयात्रा’, ‘छतरी’, ‘घुसपैठिए’, ‘प्रमोशन’, ‘बपतिस्मा’ तथा ‘पच्चीस चैका डेढ़ सौ’।
हमें विश्वास है कि इस सीरीज़ के माध्यम से पाठक सुविख्यात लेखक ओमप्रकाश वाल्मीकि की प्रतिनिधि कहानियों को एक ही जिल्द में पाकर सुखद पाठकीय संतोष का अनुभव करेंगें ।

Om Prakash Valmiki

ओमप्रकाश वाल्मीकि

जन्म: 30 जून, 1950, बरला, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
शिक्षा: एम.ए. (हिंदी साहित्य)
प्रकाशित पुस्तकें: ‘सदियों का संताप’, ‘बस्स! बहुत हो चुका’, ‘अब और नहीं’, ‘शब्द झूठ नहीं बोलते’, ‘चयनित कविताएं’ (कविता-संग्रह) ०  ‘सलाम’, ‘घुसपैठिए’, ‘छतरी’, ‘Amma And  Other Stories ’, ‘दस प्रतिनिधि कहानियां’ (कहानी-संग्रह) ०  दलित साहित्य का सौंदर्यशास्त्र’, ‘मुख्यधारा और दलित साहित्य’, ‘दलित साहित्य: अनुभव, संघर्ष और यथार्थ’ (आलोचना) ०  ‘सफाई देवता’ (वाल्मीकि समाज की ऐतिहासिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, हिंदी संस्करण 2008 एवं मराठी संस्करण 2011) (सामाजिक अध्ययन) ० ‘दो चेहरे’, ‘उसे वीर चक्र मिला था’ (शीघ्र प्रकाश्य) (नाटक) ०  ‘दलित साहित्य की विकास-यात्रा’ (साक्षात्कार) (वैचारिकी) ०  ‘क्यों मैं हिंदू नहीं हूं’ (कांचा एलैया), अंग्रेजी से हिंदी, ‘साइरन का शहर’ (अरुण काले का कविता-संग्रह), मराठी से हिंदी (अनुवाद) ; ‘जूठन’ (आत्मकथा) (अनेक भाषाओं में प्रकाशित) ।
संपादन: ‘प्रज्ञा साहित्य’ (दलित साहित्य विशेषांक), मार्च-जून, 1995 (अतिथि संपादक), ‘दलित हस्तक्षेप’ (रमणिका गुप्ता), संपादित, 2004, शिल्पायन, नई दिल्ली,  ‘तीसरा पक्ष’ (त्रैमासिक), जबलपुर, संपादकीय सलाहकार।
पुरस्कार/सम्मान: डॉ. अंबेडकर राष्ट्रीय पुरस्कार, परिवेश सम्मान, जयश्री सम्मान, कथाक्रम सम्मान, न्यू इंडिया बुक प्राइज़, 8वां विश्व हिंदी सम्मेलन, न्यूयॉर्क, अमेरिका सम्मान, साहित्यभूषण सम्मान, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ।

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