Bankon Mein Dvibhashi Computerikaran : Dasha Aur Disha

Jayanti Prasad Nautiyal

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  • Year: 2010

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Surabhi Prakashan

  • ISBN No: 9788190554718

बैकों में द्विभाषी कंप्यूटरीकरण
दशा और दिशा
हिंदी तथा भारतीय भाषाओं में कंप्यूटर पर कार्य करने हेतु उपलब्ध सुबिधाओं की अद्यतन जानकारी से युक्त यह पुस्तक विद्वान् लेखक के गत तीस वर्षों के भाषा प्रौद्योगिकी के अनुभव पर आधारित है।
कंप्यूटर विज्ञान पर अंग्रेजी भाषा में बहुत-सी पुस्तकें है, परंतु हिंदी में कंप्यूटर जैसे विषय पर प्रामाणिक पुस्तकों का सर्वथा अभाव है। इस अभाव की पूर्ति करने का विनम्र प्रयास है या पुस्तक। 
यह पुस्तक कंप्यूटर जगत विशेषज्ञों द्वारा सामग्री को जाँच के बाद भारतीय रिजर्व बैंक, कृषि बैंकिंग महाविद्यालय की हिन्दी में मौलिक पुस्तक लेखन योजना के अंतर्गत प्रकाशित है। इसकी प्रामाणिकता और उपयोगिता का इससे बडा प्रमाण और क्या हो सकता है।
इस पुस्तक में कंप्यूटर के माध्यम से हिंदी में तथा भारतीय भाषाओं में काम करने संबंधी उपलब्ध सुविधाओं, विभिन्न सॉफ्टवेयरों, पैकजों, उपकरणों पर प्रामाणिक एवं अद्यतन जानकारी दी गई है । इसमें नवंबर, 2007 तक हुए कंप्यूटर संबंधी समस्त विकास एवं सूचनाएँ और शोधपरक सामग्री समाहित हैं। माथ ही कंप्यूटर के भाषायी अनुप्रयोग संबंधी विभिन्न विषयों पर गभीर विवेचन है ।
यह पुस्तक सभी बैकों के कर्मचारियों तथा अधिकारियो, उनके राजभाषा विभागो के कर्मचारियों व अधिकारियों, सभी विश्वविद्यालयों के बैंकिंग वाणिज्य व हिंदी में अध्ययनरत विद्यार्थियों व प्राध्यापकों, भारत सरकार के सभी कार्यालयों, सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों, भाषाविदों, भाषा प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों, अनुवाद विज्ञान व अनुवाद में हर स्तर के पाठयक्रम में अध्ययन-अध्यापन में कार्यरत अध्यापको एवं विद्यार्थियों कंप्यूटर निर्माण में लगे सभी सॉफ्टवेयर निर्माताओं, कंप्यूटर में नीति निर्माताओं व निरीक्षण से जुडे कार्मिकों और भाषा तथा कंप्यूटर से सरोकार रखने वाले आम पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है ।

Jayanti Prasad Nautiyal

डॉ० जयन्ती प्रसाद नौटियाल
जन्म : 3 मार्च, 1956, देहरादून, उत्तरांचल राज्य ।
शिक्षा : एम०ए० हिन्दी (स्वर्णपदक प्राप्त) , पी-एच०डी० ( तुलनात्मक भाषा विज्ञान ) दी. लिट्। ( हिन्दी साहित्य ), एम०ए० ( अंग्रेजी) ,एल०एल०बी० ,एम०बी०ए० (बैंकिंग एवं वित्त) , सी०ए०आई०आई०बी०, डी०बी०एम० ( आई०आई०बी०एफ० ), डिप्लोमा (अनुवाद) ,साहित्य- रत्न, आई०जी०डी० (कला डिप्लोमा), सी०पी०डी०, कंप्यूटर विज्ञान पर डिप्लोमा सहित कुल 35 डिग्री/ डिप्लोमा/अन्य प्रशिक्षण प्रमाणपत्र ।
सेवा : पत्रकारिता, सम्पादन, अध्यापन, चित्रकार, रीडर, जन संपर्क, शाखा परिचालन, एसोसिएट फैकल्टी के रूप में विभिन्न पदों पर भारत सरकार एवं कॉर्पोरेशन बैंक में सेवाएँ दीं। संप्रति सहायक महाप्रबंधक के रूप में राजभाषा प्रभाग, कॉर्पोरेशन बैंक, प्रधान कार्यालय, मंगलूर- 575001 में कार्यरत ।
लेखन : बीस पुस्तकें प्रकाशित ० उन्तीस पुस्तकें संयुक्त रूप से अनूदित ०  एक हजार से अधिक लेख विभिन्न पत्रिकाओँ में प्रकाशित ०  दस से अधिक पत्रिकाओं के अनेक अंको का सम्पादन। 
पुरस्कार : साहित्य एवं समाज-सेवा में योगदान के लिए अब तक चौंतीस पुरस्कार/सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

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