Sikhavan (Paperback)

Jagdish Pandey

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  • Year: 2007

  • Binding: Paperback

  • Publisher: Arya Prakashan Mandal

  • ISBN No: 978-81-88118-96-0

प्रार्थना

सुन लो भगवन विनय हमारी।
हम सब आये शरण तुम्हारी।।

सारे जग के रक्षक -पालक,
हम हैं नाथ तुम्हारे बालक।
तेरे दर के सभी भिखारी।।

गुरु, पितु, मात, चरण अनुरागी, 
बनें सभी ऐसे बड़भागी।
आशीषों के हों अधिकारी।।

विद्या पढ़ें विवेक बढ़ाएं,
अपना जीवन श्रेष्ठ बनाएं।
हरो ईश बाधाएं सारी।।

शुभ कर्मों में ध्यान लगाएं,
पर - सेवा कर नाम कमाएं।
मातृ - भूमि के हों हितकारी।।

हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
रहें सदा बन भाई-भाई।
शान तिरंगे की हो प्यारी।।
-इस पुस्तक की ‘प्रार्थना’ कविता

Jagdish Pandey

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