Kavi Ne Kaha : Vinod Kumar Shukla

Vinod Kumar Shukla

Availability: In stock

Seller: KGPBOOKS

Qty:
190.00 171 + Free Shipping


  • Year: 2012

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789381467244

कवि ने कहा : विनोद कुमार शुक्ल
यद्यपि कविताओं का चयन मैंने किया है, पर इसका आधार स्पष्ट नहीं है कि इन चुनी हुई कविताओं को बाकी कविताओं में मिला दूं और इन्हें फिर से पूरा चुन लूं । दुबारा चुनते समय कुछ कविताएं जरूर बदल जाएंगी । कूल सत्तावन, इतनी कविताएं हैं । कोई कविता वैसे पूरी नहीं होती पर उसके लिखने का अंत है । कुछ लिखना बचा हुआ प्रत्येक कविता के अंत के साथ रहता है । लिखने के इस छूटे रहने के साथ कविता पूरी होती है । प्रत्येक कविता का लिखना बचा हुआ, अभिव्यक्ति का बचा हुआ भी होता है जो पाठक की समझ से पूरा होता है । एक रचना की पूर्ति अलग-अलग पाठकों में अलग-अलग होती है । मैं दूसरों की कविता पढ़ने के बाद अपने लिए इसी तरह उसमें जगह पाता हूं। इस जगह मैं भटकता हूं। जहाँ पहुंचना था वहां पहुंच गए ऐसा कभी नहीं होता, परंतु भटकने की जगह जानी-पहचानी जरूर हो जाती है । भटकने की जगह का जाना-पहनाना हो जाना अच्छा लगता है, इसलिए भटकना भी । कविता मेरे लिए दुनियादारी है, और लिखना भी ।

Vinod Kumar Shukla

विनोद कुमार शुक्ल
जन्म : 1 जनवरी, 1937, राजनांदगांव, छतीसगढ़ ।
शिक्षा : एम०एस-सी० (कृषि विस्तार) ।
प्रकाशित कृतियां : 'लगभग जयहिंद', 'वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहिनकर विचार की तरह', 'सब कुछ होना बचा रहेगा', 'अतिरिक्त नहीं', 'कविता से लंबी कविता', 'आकाश धरती को खटखटाता है' (कविता-संग्रह); 'नौकर की कमीज', 'खिलेगा तो देखेंगे', 'दीवार में एक खिड़की रहती थी', 'हरी घास की छप्पर वाली झोंपड़ी और बीना पहाड़' (उपन्यास); 'पेड़ पर कमरा', 'महाविद्यालय' (कहानी-संग्रह); उपन्यास 'नौकरी की कमीज' का फ्रेंच, अंग्रेजी सहित प्रमुख भारतीय भाषाओं में अनुवाद एवं प्रकाशन, उपन्यास 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' का अंग्रेजी सहित प्रमुख भारतीय भाषाओं में अनुवाद एवं प्रकाशन, कविताओं का एक संग्रह इतालवी में आदि ।
सम्मान : गजानन माधव मुक्तिबोध फेलोशिप (म०प्र० शासन-1975-76), वीर सिंहदेव पुरस्कार (मध्य प्रदेश साहित्य परिषद-1988), रजा पुरस्कार, (मध्य प्रदेश कला परिषद-1981), अखिल भारतीय भवानीप्रसाद मिश्र सम्मान (1992), सूजन भारतीय सम्मान (उडीसा की वर्णमाला संस्था द्वारा-1992), रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार (1992), शिखर सम्मान (म०प्र० शासन- 1994) आदि।
फिल्म/नाटक : उपन्यास 'नौकर की कमीज' एव कहानी 'बोझ' पर मणिकौल द्वारा फिल्म का निर्देशन, वर्ष 1999 केरल अंतर्राष्ट्रीय क्लिप समारोह में पुरस्कृत । 'आदमी की औरत' एवं 'पेड़ पर कमरा' कहानियों पर राष्ट्रीय फिल्म इंस्टीटयूट, पूना द्वारा किला का निर्माण । वेनिस अंतर्राष्ट्रीय समारोह 2009 से 'सोशल मेनशन अवार्ड' से सम्मानित ।

Scroll