Dus Pratinidhi Kahaniyan : Uday Prakash

Uday Prakash

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  • Year: 2011

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789381467077

दस प्रतिनिधि कहानियां : उदय प्रकाश 
'दस प्रतिनिधि कहानियाँ' सीरीज़ किताबघर प्रकाशन की एक महत्त्वाकांक्षी कथा-योजना है, जिसमें हिन्दी कथा-जगत् के सभी शीर्षस्थ कथाकारों को प्रस्तुत किया जा रहा है ।
इस सीरीज़ में सम्मिलित कहानीकारों से यह अपेक्षा की गई है कि वे अपने संपूर्ण कथा-दौर से उन दस कहानियों का चयन करें, जो पाठको, समीक्षकों तथा संपादकों के लिए मील का पत्थर रही हों तथा ये ऐसी कहानियाँ भी हों, जिनकी वजह से उन्हें स्वयं को भी कहानीकार होने का अहसास बना रहा हो। भूमिका-स्वरूप कथाकार का एक वक्तव्य भी इस सीरीज़ के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसमें प्रस्तुत कहानियों को प्रतिनिधित्व सौंपने की बात पर चर्चा करना अपेक्षित रहा है ।
किताबघर प्रकाशन गौरवान्वित है कि इस सीरीज़ के लिए सभी कथाकारों का उसे सहज सहयोग मिला है। इस सीरीज़ के महत्त्वपूर्ण कथाकार उदय प्रकाश  ने प्रस्तुत संकलन में अपनी जिन दस कहानियों को प्रस्तुत किया है, वे हैं: ‘मौसाजी’, ‘टेपचू’, ‘तिरिछ’, ‘अरेबा-परेबा’, ‘राम सजीवन की प्रेम-कथा’, ‘डिबिया’, ‘हीरालाल का भूत’, ‘दिल्ली की दीवार’, ‘...और अंत में प्रार्थना’ तथा ‘वारेन हेस्टिंग्स का सांड’।
हमें विश्वास है कि इस सीरीज़ के माध्यम से पाठक सुविख्यात लेखक उदय प्रकाश  की प्रतिनिधि कहानियों को एक ही जिल्द में पाकर सुखद पाठकीय संतोष का अनुभव करेंगें ।

Uday Prakash

उदय प्रकाश
जन्म : 1952, मध्य प्रदेश के शहडोल (अब अनूपपुर) जिले के गाँव सीतापुर में ।
शिक्षा : सागर वि०वि०, सागर और जवाहरलाल नेहरू वि०वि०, नई दिल्ली में ।
कृतियाँ : 'सुनो कारीगर', 'अबूतर-कबूतर', 'रात में हारमोनियम', 'एक भाषा हुआ करती है" (कविता/संग्रह) । 'दरियाई घोड़ा', 'तिरिछी', 'और अंत से प्रार्थना', 'पॉल गोमरा का स्कूटर', 'पीली छतरी वाली लड़की', 'दत्तात्रेय के दु:ख', 'मोहन दास', 'अरेबा परेबा', 'मैंगोसिल' (कहानी-संग्रह) । 'ईश्वर की आँख', 'अपनी उनकी बात' और 'नई सदी का पंचतंत्र' (निबंध, आलोचना, साक्षात्कारों का संकलन) ।
अनुवाद : 'लाल बास पर नीले घोड़े', (मिखाइल शात्रोव के  नाटक का अनुवाद और रूपांतर), 'कला अनुभव' (प्रो० हरियन्ना की सौंदर्यशास्त्री पुस्तक का अनुवाद), 'इंदिरा गांधी की आखिरी लड़ाई', (बी०बी०सी० संवाददाता मार्क टली-सतीश जैकब की किताब का हिंदी अनुवाद), 'रोम्या रोला का भारत' (आंशिक अनुवाद और संपादन) ।
पुरस्कार : भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार (1980), ओमप्रकाश साहित्य सम्मान (1982), श्रीकांत वर्मा स्मृति पुरस्कार (1992), मुक्तिबोध पुरस्कार (1996), साहित्यकार सम्मान, हिंदी अकादमी, दिल्ली, (1999), रामकृष्ण जयदयाल सद्भावना सम्मान, (1997), पहल सम्मान (2003), कथाक्रम सम्मान (2005), पुश्किन  सम्मान (2006), द्विजदेव सम्मान (2006-07), वनमाली सामान (2008) ।

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