Dus Pratinidhi Kahaniyan : Bhagwandas Morwal

Bhagwan Das Morwal

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  • Year: 2014

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789383233953

'दस प्रतिनिधि कहानियाँ' सीरीज़ किताबघर प्रकाशन की एक महत्त्वाकांक्षी कथा-योजना है, जिसमें हिन्दी कथा-जगत् के सभी शीर्षस्थ कथाकारों को प्रस्तुत किया जा रहा है ।
इस सीरीज़ में सम्मिलित कहानीकारों से यह अपेक्षा की गई है कि वे अपने संपूर्ण कथा-दौर से उन दस कहानियों का चयन करें, जो पाठको, समीक्षकों तथा संपादकों के लिए मील का पत्थर रही हों तथा ये ऐसी कहानियाँ भी हों, जिनकी वजह से उन्हें स्वयं को भी कहानीकार होने का अहसास बना रहा हो। भूमिका-स्वरूप कथाकार का एक वक्तव्य भी इस सीरीज़ के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसमें प्रस्तुत कहानियों को प्रतिनिधित्व सौंपने की बात पर चर्चा करना अपेक्षित रहा है ।
किताबघर प्रकाशन गौरवान्वित है कि इस सीरीज़ के लिए सभी कथाकारों का उसे सहज सहयोग मिला है। इस सीरीज़ के महत्त्वपूर्ण कथाकार भगवानदास मोरवाल ने प्रस्तुत संकलन में अपनी जिन दस कहानियों को प्रस्तुत किया है, वे हैं : 'महराब', 'बस, तुम न होते पिताजी', 'दु:स्वप्न की मौत', 'बियाबान', 'सौदा', 'चोट', 'रंग-अबीर', 'सीढ़ियां, माँ और उसका देवता', 'वे तीन' तथा 'छल'।
हमें विश्वास है कि इस सीरीज़ के माध्यम से पाठक सुविख्यात लेखक भगवानदास मोरवाल की प्रतिनिधि कहानियों को एक ही जिल्द में पाकर सुखद पाठकीय संतोष का अनुभव करेंगें ।

Bhagwan Das Morwal

भगवानदास मोरवाल जन्म : 23 जनवरी, 1960, नगीना, जिला मेवात (हरियाणा) शिक्षा : एम.ए. (हिंदी) एवं पत्रकारिता में डिप्लोमा लगभग सात (1981 से 1987) वर्षों तक स्वतंत्र पत्रकारिता। प्रकाशित कृतियाँ : 'काला पहाड़' (1999), 'बाबल तेरा देस में' (2004), 'रेत' (2008 तथा 2010 में उर्दू में अनुवाद), 'नरक मसीहा' (2014) (उपन्यास); 'सिला हुआ आदमी' (1986), 'सूर्यास्त से पहले' (1990), 'अस्सी मॉडल उर्फ सूबेदार' (1994), 'सीढियां मां और उसका देवता' (2008), 'लक्ष्मण-रेखा' (2010), 'दस प्रतिनिधि कहानियां' (2014) (कहानी-संग्रह); 'दोपहरी चुप है' (1990) (कविता-संग्रह); 'कलयुगी पंचायत' (बालोपयोगी) (1997); 'हिंदी की श्रेष्ठ व्यंग्य रचनाएं' (1987), 'इक्कीस श्रेष्ठ कहानियां' (1988) (संपादन) सम्मान / पुरस्कार : 'श्रवण सहाय एवार्ड' (2012), ‘जनकवि मेहरसिंह सम्मान' (2010) हरियाणा साहित्य अकादमी, 'अंतर्राष्टीय इंदु शर्मा कथा सम्मान' (2009) कथा (यूके) लंदन; 'शब्दसाधक ज्यूरी सम्मान' (2009), 'क्थाक्रम सम्मान' (2006) लखनऊ; 'साडित्यकार सम्मान' (2004), 'साहित्यिक कृति सम्मान' (1994, 1999) हिंदी अकादमी, दिल्ली; पूर्व राष्ट्रपति श्री आर. वेंकेटरमण द्वारा मद्रास का 'राजाजी सम्मान' (1995), 'डॉ. अंबेडकर सम्मान' (1985) भारतीय दलित साहित्य अकादमी, पत्रकारिता के लिए 'प्रभादत्त मेमोरियल एवार्ड' (1985) तथा 'शोभना एवार्ड' (1984) जनवरी, 2008 से ट्यूरिन (इटली) से आयोजित भारतीय लेखक सम्मेलन में शिरकत । पूर्व सदस्य, हिंदी अकादमी (दिल्ली) एवं हरियाणा साहित्य अकादमी।

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