Dus Pratinidhi Kahaniyan : Amarkant

Amarkant

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  • Year: 2013

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9788170163787

'दस प्रतिनिधि कहानियाँ' सीरीज़ किताबघर प्रकाशन की एक महत्त्वाकांक्षी कथा-योजना है, जिसमें हिन्दी कथा-जगत् के सभी शीर्षस्थ कथाकारों को प्रस्तुत किया जा रहा है ।
इस सीरीज़ में सम्मिलित कहानीकारों से यह अपेक्षा की गई है कि वे अपने संपूर्ण कथा-दौर से उन दस कहानियों का चयन करें, जो पाठको, समीक्षकों तथा संपादकों के लिए मील का पत्थर रही हों तथा ये ऐसी कहानियाँ भी हों, जिनकी वजह से उन्हें स्वयं को भी कहानीकार होने का अहसास बना रहा हो। भूमिका-स्वरूप कथाकार का एक वक्तव्य भी इस सीरीज़ के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसमें प्रस्तुत कहानियों को प्रतिनिधित्व सौंपने की बात पर चर्चा करना अपेक्षित रहा है ।
किताबघर प्रकाशन गौरवान्वित है कि इस सीरीज़ के लिए सभी कथाकारों का उसे सहज सहयोग मिला है। इस सीरीज़ के महत्त्वपूर्ण कथाकार अमरकान्त ने प्रस्तुत संकलन में अपनी जिन दस कहानियों को प्रस्तुत किया है, वे हैं : 'इंटरव्यू', 'जिंदगी और जोंक', 'शुभचिंता', 'लड़का-लड़की', 'फर्क', 'मित्र-मिलन', 'बहादुर', 'बउरैया कोदो', 'श्वान गाथा' तथा 'जनशत्रु'।
हमें विश्वास है कि इस सीरीज़ के माध्यम से पाठक सुविख्यात लेखक अमरकान्त की प्रतिनिधि कहानियों को एक ही जिल्द में पाकर सुखद पाठकीय संतोष का अनुभव करेंगें ।

Amarkant

अमरकान्त

जन्म : 1 जुलाई, 1925
जन्मस्थान : नगरा, जिला बलिया (उ०प्र०)
शिक्षा : गवर्नमेंट हाई स्कूल बलिया और इलाहाबाद विश्वविद्यालय

रचनाएँ :-कहानी-संग्रह : जिंदगी और जोंक ० देश के लोग ० मौत का नगर ० कुहासा ० मित्र-मिलन तथा अन्य कहानियां ० तूफान ० कलाप्रेमी;  उपन्यास : सूखा पत्ता ० सुखजीवी ० कंटीली राह के फूल ० ग्रामसेविका ० बीच की दीवार ० आकाश पक्षी ० सुन्नर पांडे की पतोहू ० काले-उजले दिन;प्रौढ़ साहित्य : नेऊर भाई ० वानर सेना ० खूँटा में दाल है ० सुग्गी चाची का गांव ० एक स्त्री का सफर ० झगरूलाल का फैसला।
पुरस्कार : सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार ० उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान पुरस्कार ० यशपाल पुरस्कार ० ज्ञानपीठ पुरस्कार।

स्मृति-शेष : 17 फरवरी, 2014

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