Poorvi Uttar Pradesh Ka Sahityik Paridrishya (Two Volumes)

Jagdish Narayan Shrivastva

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  • Year: 2011

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Amarsatya Prakashan

  • ISBN No: 9788188466863

पूर्वी उत्तर प्रदेश का साहित्यिक परिदृश्य (2 खण्डों में)
वरिष्ठ कवि व आलोचक जगदीश नारायण श्रीवास्तव ने ‘पूर्वी उत्तर प्रदेश का साहित्यिक परिदृश्य’ नाम से जो महाग्रंथ लिखा है, वह इतिहास से अधिक अनुसंधान है। एक विस्तृत देशकाल में अपने परिचित अंचल का इतिहास लिखना और साहित्य-संस्कृति को संश्लिष्ट करके देखना—जगदीश नारायण श्रीवास्तव ने इसे जिस तरह से संभव किया है, वह पूरे साहित्य-संसार को स्वागतयोग्य लगेगा। इतिहास-लेखकों में रामचंद्र शुक्ल, रामविलास शर्मा, नंददुलारे वाजपेयी और बच्चन सिंह जैसे लोग रहे हैं। हजारीप्रसाद द्विवेदी ने ‘हिंदी साहित्य की भूमिका’ लिखी, नामवर सिंह ने ‘दूसरी परंपरा की खोज’ जैसी कृति लिखी। इनसे अलग जगदीश नारायण श्रीवास्तव ने उस पूर्वांचल का इतिहास लिखा, जिसे वे ‘पूर्वी उत्तर प्रदेश : विचारों के सूर्योदय की धरती’ जैसा बहुलार्थी नाम देते हैं।...
कहना न होगा कि जगदीश नारायण श्रीवास्तव का यह महाग्रंथ एक ऐतिहासिक ग्रंथ के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त करेगा। इसके पीछे एक दशक से अधिक की खोज, श्रमसाध्य वृत्त-संकलन, साक्षात्कार, पत्र-पत्रिकाओं से संकलित ऐतिहासिक जानकारियाँ संयोजित हैं। ऐसे कार्य प्रायः अकेले संभव नहीं होते। जगदीश नारायण श्रीवास्तव ने अकेले यह श्रमसाध्य कार्य संपन्न करने का जोखिम उठाया है।

Jagdish Narayan Shrivastva

जगदीश नारायण श्रीवास्तव 
जन्म: 27 मार्च, 1936, ग्राम एकौना, ज़िला देवरिया (उ. प्र.)
माता: श्रीमती राधिका देवी (स्व.)
पिता: श्री महेश्वरी प्रसाद श्रीवास्तव (स्व.)
शिक्षा: राष्ट्रीय इंटरमीडिएट कॉलेज, बड़हलगंज, गोरखपुर (उ. प्र.) ०  उच्च शिक्षा आगरा विश्वविद्यालय (1955)
आजीविका: वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी (प्रथम) पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर से सन् 1994 में सेवानिवृत्त
परिवार: 1957 में विवाह--पत्नी श्रीमती जयवंती श्रीवास्तव (स्व.) ०  पुत्र-पुत्रियों से भरा-पूरा परिवार
कृतियां: ‘समकालीन कविता पर एक बहस’ चित्रलेखा प्रकाशन, इलाहाबाद से 1976 में प्रकाशित ०  ‘उपन्यास की शर्त’ किताबघर प्रकाशन, अंसारी रोड, दरियागंज, नई दिल्ली से 1993 में प्रकाशित ०  ‘पत्रकारिता के शिखरपुरुष’ (संपादित), पत्रकारिता प्रतिष्ठान, गोरखपुर से प्रकाशित ०  ‘पूर्वी उत्तर प्रदेश का साहित्यिक परिदृश्य’ .

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