Kamzor Tan Mazboot Man

Vinod Kumar Mishra

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  • Year: 2011

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9788170165705

कमजोर तन : मजबूत मन
जिस प्रकार विकलांगता एक प्राचीन समस्या है उसी प्रकार यह तथ्य भी अत्यंत प्राचीन है कि अनेक विकलांग व्यक्तियों ने अपनी विकलांगता को परास्त करके समाज को अपने असाधारण व्यक्तित्व और अदभुत कृतित्व से प्रभावित किया । प्रचीन ग्रंथों वेदों, बाइबिल, कुरान आदि में विकलांगों की समस्याओं और उनकी सामाजिक दशा का वर्णन है, साथ ही दीर्घतमा, अष्टावक्र जैसे ऋषियों का भी वर्णन है ।
इन विकलांग विभूतियों के व्यक्तित्व और कृतित्व का अध्ययन करते समय अनेक रोचक तथ्य मेरे सामने आए । इन तथ्यों को जब क्रमबद्ध किया गया तो अनेक नए परिणाम सामने आए जो विकलांगों के लिए ही नहीं वरन् आम जनता के लिए भी अत्यंत प्रेरक साबित हुए।
ये परिणाम लेखों के रूप से कई राष्ट्रीय दैनिकों और पत्रिकाओं में पुस्तक प्रकाशित होने से पहले ही प्रकाशित होते रहे ।
अब इन लेखों का संग्रह पुस्तक रूप से आपके सामने प्रस्तुत है जो यह दर्शाती है कि इन कमजोर तन वाले व्यक्तियों में एक मजबूत मन भी था । यह मन ही उनकी सफलता का कारण था।
यदि आम विकलांग व्यक्ति भी अपने मन को दृढ़ कर ले तो वह बड़े से बड़ा काम कर सकता है, यहीं इस पुस्तक का उद्देश्य है ।
-विनोद कुमार मिश्र

Vinod Kumar Mishra

विनोद कुमार मिश्र
जन्म : 12 जनवरी, 1960 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले  में। साढ़े तीन वर्ष की आयु में पोलियोग्रस्त ।स्कूली शिक्षा राँची में । रुड़की विश्वविद्यालय से 1983 में इलेक्ट्रॉनिक्स व दूरसंचार इंजीनियरिंग में स्नातक । बिजनेस प्रबंध में स्नातकोत्तर उपाधि । संप्रति वरिष्ठ तकनीकी प्रबंधक, सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, साहिबाबाद ( भारत सरकार का उद्यम) । समाज-सेवा में प्रारंभ से ही रूचि ।  विकलांग व्यक्तियों के लिए कानून बनवाने हेतु लम्बा संघर्ष।  1994 में सांसद श्री प्रेम के जरिए लोकसभा में विकलांगों के कल्याणार्थ निजी विधेयक पेश कराया । 1993 में भारतीय विकलांग संस्थान द्वारा 'विकलांग भूषण' की उपाधि । 1996 में भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट विकलांग कर्मचारी के रूप में चयन । 3 दिसम्बर, 1996 को राष्ट्रपति पदक मिला । 1984 से कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों के क्षेत्र में कार्य । राष्ट्रीय  दैनिक पत्रों व पत्रिकाओं में नियमित लेखन और दूरदर्शन पर विकलांगों के कार्यक्रम 'साथ-साथ' में नियमित रूप से हिस्सेदारी । अनेक स्वयंसेवी संस्थाओं से संबद्ध ।
प्रकाशित रचनाएँ :-
०  विकलांगता : समस्याएँ व समाधान
० अपंगता से मुकाबला
० कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइतियाँ : एक आंदोलन 
० भारत में विकलांगों की स्थिति और विकलांग कानून, 1995
० विकलांगता की समस्या और विकलांग कानून, 1995 (ब्रेल में)

आगामी कृतियाँ-
० Disabled Dignitories Of World
० तूफान में जलते दीए

Project Reports-
० Assessing Market Opportunities Of Mobile Communication In India.
० Solar Energy & Its Economic Viability
० Study Of Impact Of Globalisation & Recession In South Asian Countries On Indian Export Market.

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