Tumhare Liye

Himanshu Joshi

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  • Year: 2016

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9788170160304

तुम्हारे लिए
आग की नदी!
नहीं, नहीं, यह दर्द का दरिया भी है, मौन-मंथर गति से निरंतर प्रवाहित होता हुआ ।
यह दो निश्छल, निरीह उगते तरुणों की सुकोमल स्नेह-गाथा ही नहीं, उभरते जीवन का स्वप्निल कटु यथार्थ भी है कहीं । वह यथार्थ, जो समय के विपरीत चलता हुआ भी, समय के साथ-साथ, समय का सच प्रस्तुत करता है ।
मेहा-विराग यानी विराग-मेहा का पारदर्शी, निर्मल स्नेह इस कथा की भावभूमि बनकर, अनायास यह यक्ष-प्रश्न प्रस्तुत करता है-प्रणय क्या है? जीवन क्या है ? जीवन की सार्थकता किसमें है ? किसलिए ?
० 
बहुआयामी इस जीवंत मर्मस्पर्शी कथा में अनेक कथाधाराएँ हैं। अनेक रूप हैं, अनेक रंग। पर ऐसा क्या है इसमें कि हर पाठक को इसके दर्पण में अपना प्रतिबिम्ब दीखने लगता है ?
० 
हिंदी के बहुचर्चित उपन्यासों में, बहुचर्चित इस उपन्यास के अनेक संस्करण हूए । मराठी, पंजाबी, कन्नड़, तमिल, उर्दू, अंग्रेजी आदि अनेक भाषाओं में अनुवाद भी । दूरदर्शन से धारावाहिक रूप में प्रसारण भी हुआ । ब्रिटेन की एक कंपनी ने आडियो कैसेट भी तैयार किया, जो लाखों श्रोताओं द्वारा सराहा गया ।

Himanshu Joshi

हिमांशु जोशी
अग्रणी कथाकार
गत चालीस वर्षों से लेखन से सक्रिय
उपन्यास : कगार की आग ० अरण्य ० महासागर ० तुम्हारे लिए ० छाया मत छूना मन ० सु-राज ० समय साक्षी है
कहानी-संग्रह : अंतत: ० मनुष्य-चिह्न ० जलते हुए डैने ० इस बार फिर बर्फ गिरी तो आदि
कविता-संग्रह  : नील नदी का वृक्ष
यात्रा-वृतांत : यात्राएँ
भेटकर्ता : मेरे साक्षात्कार 
'यातना शिविर' में कालापानी की अनकही कहानी आदि विशेष चर्चित
समस्त भारतीय भाषाओं के अतिरिक्त कुछ रचनाएँ अंग्रेजी, स्लाव, चेक, बर्मी, जापानी, चीनी, कोरियन, नार्वेजियन आदि में भी अनूदित हुईं । रंगमंच तथा चित्रपट के माध्यम से भी कईं कृतियों का प्रदर्शन हुआ । दूरदर्शन तथा रेडियों-धारावाहिक के रुप में भी ।
हिंदी अकादमी दिल्ली, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, बिदार राजभाषा द्वारा अनेक कृतियां सम्मानित । 'केंद्रीय हिंदी संस्थान' (मानव संसाधन मंत्रालय) द्वारा 'गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान' से पुरस्कृत ।

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