Kammi Or Nanda

Amrita Pritam

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  • Year: 2012

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9788170164067

कम्मी और नन्दा
नन्दा यूनिवर्सिटी की बाहरी दीवार के पास
पहुँची ही थी कि उसने देखा कि दीवार
के साथ  ढासना लगाकर खडी हुई एक
औरत ने पैसे मांगने के लिए अपना हाथ
आगे किया हुआ है—
वह हाथ नन्दा की तरफ बढ़ता हुआ
नन्दा की कमीज़ से छू गया... 
नन्दा ने उस माँगने वाली औरत की तरफ
देखा—उस औरत का चेहरा उजड़ा
हुआ था, बाल खुश्क और माथे
पर बिखरे हुए थे, सिर पर
एक लीर-सा दुपट्टा थाµपर
आँखों में एक अजीब सी चमक
और हसरत थी-नक्श रुले हुए थे,
बुरे नहीं थे—वह हाथ के नन्दा के
आगे पसारकर-एकटक नन्दा के
मुँह को देखे जा रही थी…
नन्दा उकताई-सी तेज कदमों से घर
जाने वाली बस क्रो तरफ़ चल दी ।
लेकिन बस के पायदान पर
एक पॉव रखा ही था कि
अचानक नन्दा को खयाल आया—
'कौन जाने यह माँगने वाली
औरत ही मेरी माँ हो...'
-नन्दा का एक सपना

Amrita Pritam

अमृता प्रीतम
(वास्तविक नाम-अमृत कौर)
जन्मतिथि : 31 अगस्त, 1919
जन्मस्थान : गुजरांवाला (अब पाकिस्तान में)
प्रकाशित कृतियाँ : उनके हस्ताक्षर, ना राधा ना रुक्मणी, कम्मी और नंदा, रतना और चेतना (उपन्यास); दस प्रतिनिधि कहानियां, अलिफ लैला : हजार दास्तान, कच्चे रेशम सी लड़की (कहानी-संग्रह); रसीदी टिकट (आत्मकथा); खामोशी से पहले (कविता-संग्रह) मेरे साक्षात्कार (सं० : अस्मा सलीम तथा श्याम सुशील), मन मंथन की गाथा (सं० : इमरोज) (साक्षात्कार/लकरीरें); एक थी सारा, काया के दामन में, शक्तिकणों की लीला, काल-चेतना, अज्ञात का निमंत्रण, सितारों के संकेत, सपनों की नीली सी लकीर, अनंत नाम जिज्ञासा (आध्यात्मिक सत्यकथाएँ); सितारों के अक्षर किरनों की भाषा, मन मिर्जा तन साहिबाँ, अक्षर कुण्डली, वर्जित बाग की गाथा (सं० : अमृता प्रीतम), बेवतना (सं० : अमृता प्रीतम) (चिंतन/संस्मरण/रेखाचित्र आदि)।
पुरस्कार-सम्मान : साहित्य अकादेमी पुरस्कार 'सुनेहड़े' (कविता-संग्रह : 1956), भारत के राष्ट्रपति द्वारा पदमश्री सम्मान (1969), भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार 'कागज ते कैनवस' (कविता-संग्रह :  1981) तथा पदमबिभूषण सम्मान (2004) के अलावा अन्य बहुत-से पुरस्कारों-सम्मानों से अलंकृत ।

स्मृति-शेष : 31 अक्तूबर, 2005

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