Shabda Yagya

Sarswat Mohan Manishi

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  • Year: 1999

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Arya Prakashan Mandal

  • ISBN No: 8822557711557

शब्द यज्ञ की सुवास
डॉ० सारस्वत मोहन 'मनीषी' का यह नवम् काव्य-संग्रह है । नौ के अंक की तरह हर कोण  से परिपूर्ण, परिपक्व और प्रज्ञासंकुल ।
इस संकलन में कवि ने ‘करी बिहारी सतसई भरी अनेक संवाद' की तरह ही अपनी प्रतिभा के प्रकाश को बहुआयामी, बहुरंगी, बहुकोणीय और बहुद्देशीय भाव-विचारों से गूँथा है ।
व्यक्ति, समाज, राष्ट्र और विश्व इन मुक्तकों में अपनी पूरी शक्ति और सीमाओँ के साथ विदित हुआ है ।
यज्ञ के मंत्र 'इदन्नमम' पर समाप्त होते हैं । अंतः और बाह्य प्रकृति का कल्याण ही यज्ञ का एकमात्र उद्देश्य होता है । 'शब्द यज्ञ' का एकमात्र उद्देश्य है 'मनुर्भव' ।
आशा है यह संग्रह भी पहले संकलनों की तरह ही पाठकों के हृदय का हार और कंठ का श्रृंगार बनेगा ।
-महाबीरप्रसाद 'मधुप', दिल्ली

Sarswat Mohan Manishi

डॉ० सारस्वत मोहन 'मनीषी'
जन्म-तिथि : छह मई उन्नीस भी पचास (6.5.1950 ई०)
पितृस्थान : कनीनाखास (महेन्द्रगढ़), हरियाणा
सम्प्रति : रीडर, रामलाल आनंद कॉलेज (सांध्य), दिल्ली वि० वि०
प्रकाशित कृतियां : आग के अक्षर (गीत-कविता) ० आधा कफन (गीत-कविता) ० बूंद बूंद वेदना (112 हिन्दी गज़लें) ० कलम नहीं बेचेंगे (214 कवित्त) ० जंग अभी जारी है (गीत-कविता) ० एक हकीकत और (खण्डकाव्य) ० मनीषी सतसई (777 दोहे) ० आर पार हो जाने दो  (गीत-कविता) 
पुरस्कार : आग के अक्षर : हरियाणा प्रादेशिक हिन्दी साहित्य सम्मेलन ० बूंद बूंद वेदना : हरियाणा साहित्य अकादमी एवं भाषा विभाग, पंजाब ० जंग अभी जारी है : योगिराज वी रामजीलाल जी महाराज साहित्य पुरस्कार ० एक हकीकत और : लाला बालकलाम आहूजा पुरस्कार, कानपुर ० मनीषी सतसई : हिन्दी अकादमी, दिल्ली ० आर पार हो जाने दो : महाकवि राष्ट्रीय आत्मा पुरस्कार, कानपुर ० हंस कविता पुरस्कार 1995 ० राष्ट्र चारण पुरस्कार-1995 (मध्य प्रदेश) ० राष्ट्रकवि  रामधारी सिंह 'दिनकर' पुरस्कार (अलवर, राजस्थान)
अभिनन्दन : साहित्यकार सम्मान-1995 राष्ट्रभाषा प्रचार समिति वर्धा (हरियाणा प्रांत) ० साहित्य संस्कृति संगम, नारनौल (हरियाणा) द्वारा अभिनन्दन-1995 ० कलमबीर सम्मान-1995 (बहादुर-गढ़, हरियाणा) ० रोहतक वि० वि० और कुरुक्षेत्र वि० वि० द्वारा मनीषी के काव्य पर एम० फिल० का शोधकार्य ० शताधिक संस्थाओं द्वारा सार्वजनिक अभिनन्दन ० अखिल भरतीय कवि सम्मेलनों में ओज एवं करुण रस के गीतकार एवं प्रयोगधर्मी ग़ज़लकार के रूप में चर्चित, प्रशंसित एवं सम्मानित ।

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