Door Van Mein Nikat Man Mein

Ajit Kumar

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  • Year: 2012

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Kitabghar Prakashan

  • ISBN No: 9789381467145

दूर वन में निकट मन में
मनुष्य एक-दूसरे को सुख-दुःख देते किन नातों के जाल में बँधते-जुड़ते रहते हैं? उनके संबंधों की आधारभूमि क्या है? एक-दूसरे के सारे मीठे-कड़वे अनुभव कालांतर में एक भाव, एक स्मृति, एक टीस बनकर रह जाते हैं! उस भाव का महत्त्व क्या है?
‘दूर वन में’ अजितकुमार द्वारा रचित कुछ प्रसिद्ध व्यक्तियों के संस्मरणों का संग्रह है। इसमें कुछ प्रसिद्ध-अप्रसिद्ध विशेषकर ऐसे लोग हैं जो अब भूले से जा रहे हैं, पर अपने ज़माने के विशिष्ट व्यक्तित्व रहे हैं। अधिकांश संस्मरण पारिवारिक दायरे में आने वाले लोगों के हैं। 
‘निकट मन में’ भी अजितकुमार के संस्मरणों का संग्रह है।  इन पुस्तकों के शीर्षकों में तुक तो अनायास मिल गया है, उनकी तान, लय और समझ में भी पाठकगण उस निरंतरता का, तारतम्य का आभास पाएँगे, जो अजितकुमार की कविता और गद्य-रचना का स्वाभाविक गुण है।
संस्मरणों के माध्यम से अजितकुमार अतीत को नहीं पगुराते, हिसाब-किताब भी बराबर नहीं करते, वे अनुभव तथा संवेदना का पथ प्रशस्त करते हैं। इस नाते, ये संस्मरण जितने उनके हैं, लगभग उतने ही या उससे भी अधिक औरों के अपने हो सकेंगे।
अजितकुमार के संस्मरणों की ये दो पुस्तकें एक ही जिल्द में प्रस्तुत हैं। प्रसिद्ध कवि अजितकुमार एक समर्थ और सशक्त गद्यकार भी हैं। इनके गद्य की ताकत का नमूना तो ये संस्मरण हैं ही, उनके संवेदनशील, सजग, जागरूक व्यक्तित्व का भी परिचय देते हैं।

Ajit Kumar

अजितकुमार पूरा नाम : अजितकुमार शंकर चौधरी जन्म : 9 जून, 1933, लखनऊ शिक्षा : इलाहाबाद विश्वविधालय से हिंदी में उच्च शिक्षा कार्य : पहले डी०ए०वी० कॉलेज, कानपुर (1953-56), फिर किरोडीमल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय (1962-1998) में अध्यापन, बीच की अवधि में विदेश मंत्रालय, नई दिल्ली (1956-1962) के हिंदी विभाग में अनुवाद । अब सेवानिवृत्त और लेखन में संलग्न । तिथिक्रम में प्रकाशन : स्वतंत्र लेखन : 'अकेले कंठ की पुकार' (कविता : 1958), 'अंकित होने दो' (विविधा : 1962), 'ये फूल नहीं' (कविता : 1970), "कविता का जीवित संसार' (आलोचना : 1972), 'छाता और चारपाई' (कहानियां : 1986), 'सफ़री झोले में', (यात्रा : 1986), 'घरौंदा' (कविता : 1987), 'हिरनी के लिए' (कविता : 1993), 'छुट्टियां' (उपन्यास : 1994), "यहां से कहीँ भी' (यात्रा : 1997), 'घोंघे' (कविता : 1996), 'इधर की हिंदी कविता' (आलोचना : 1999), 'ऊसर' (कविता : 2001), 'कविवर बच्चन के साथ' (अंकन : 2009), 'अंधेरे से जुगनू' (संस्मरण : 2010), 'सफरी झोले में कुछ और' (यात्रा : 2010), 'अजितकुमार रचना-संचयन' (2011), दिल्ली हमेशा दूर' (2012), ‘दूर वन से निकट वन में' (2012) । संपादन : 'बच्चन निकट से' (संस्मरण : 1968), 'कविताएं' (1954, 1963, 1964, 1965), 'हिंदी की प्रतिनिधि श्रेष्ठ कविताएं' (1, 2, 3), 'समीक्षायन' (1965), 'गद्य की पगडंडियां' (1967), "आचार्य शुक्ल विचारकोश' (1974), "बच्चन रचनावली' (नौ खंडों से बच्चन-समग्र : 1983), 'सुमित्रा कुमारी सिन्हा रचनावली' (1990), 'बच्चन के चुने हुए पत्र' (2001), 'कीर्ति चौधरी की कविताएं' (2006), ‘कीर्ति चौधरी की कहानियां' (2006), 'समग्र कविताएं' कीर्ति चौधरी (2010), 'नागपूजा और ओंकारनाथ की अन्य कहानियां' (2010), 'बच्चन कं साथ क्षण-भर' (संचयन : 2010), 'दुनिया रंग-बिरंगी' (2011) ।

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