Swarajya

Rajendra Mohan Bhatnagar

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  • Year: 2012

  • Binding: Hardback

  • Publisher: Parmeshwari Prakashan

  • ISBN No: 978-81-89424-00-8

स्वराज्य
'स्वराज्य' डॉ० राजेन्द्र मोहन भटनागर का नवीनतम उपन्यास है, जो 1942 की क्रांति पर आधारित है । तब गांधी जी ने अंग्रेजो से कहा था कि 'भारत छोडो' और इसके लिए जनता से अपील की थी, 'करो या मरो' ।
गांधी जी और उनके साथियों को तत्कालीन सरकार ने नज़रबंद कर दिया था अथवा कारागार में डाल दिया था । जयप्रकाश नारायण, डॉ० लोहिया, अरुणा आसफअली जैसे युवा नेता भूमिगत हो गए थे ।
प्राय: जनता नेताविहीन थी, लेकिन उसके अंत:करण में 'करो या मरो' का मंत्र अनुगूँज रहा था । वह उससे अनुप्रेरित होकर दुर्द्धर्ष संघर्ष कर रही थी । उसने अनेक स्थानों की बागडोर स्वयं संभाल लो थी । यथार्थतः तब देश जनक्रांति के दौर से गुजर रहा था। 
अनेक अनाम व्यक्तियों के हाथ में उस क्रांति का संचालन था । उसे उन्होंने अपनी शैली, मुद्रा और अदा से संपन्न किया था । इस उपन्यास में उनको लेकर ताना-बाना बुना गया है और उनकी लडाई को पेश किया गया है तत्कालीन ऐतिहासिक संदर्भों में । फलत: अनेक भूले-बिसरे चित्र जीवंत हो उठे हैं और अनेक प्रसंग सजीव । 
दरअसल वह लडाई किसानो, विद्यार्थियों, डॉक्टरों, वकीलों, मज़दूरों, नौकरीपेशा परिवार के लोगों ने लडी थी । कैसे? इसी के लिए यह उपन्यास है ।

Rajendra Mohan Bhatnagar

राजेन्द्रमोहन भटनागर
प्रख्यात साहित्यकार, विचारक और शिक्षाविद डॉ. राजेन्द्रमोहन भटनागर डॉ० लोहिया के 'रामायण-मेले' से भी जुड़े रहे और उनकी पत्रिका 'जन' में भी छपते रहे । जे०पी० और लोहिया से उनके व्यक्तिगत संबंध रहे ।
प्रमुख प्रकाशित साहित्य : 'बाबा साहब अम्बेडकर', 'डॉ० लोहिया', 'क्रांतिकारी लोहिया', 'गोरादेवी' आदि (जीवनी) ० 'व्यावहारिक लोकतंत्र', 'स्वतंत्रता संग्राम की कहानी' (3 भाग), 'चुनौती', 'बहुएँ जल रही हैं', ‘बलात्कार क्यों', 'साम्यवाद का भारतीयकरण', 'गरीबी हटाओ', 'लोहिया का जीवन-दर्शन', 'डॉ० अम्बेडकर : चिंतन और विचार', 'छात्र-आंदोलन : समस्या और समाधान', 'दंगे क्यों', 'अब बहुएँ नहीं जलेंगी', शिक्षायतन', 'समता, स्वतंत्रता और समाज' आदि (विचार-साहित्य)
पुरस्कार : राष्ट्रीय तथा प्रांतीय स्तर पर अनेक पुरस्कार-राजस्थान साहित्य अकादमी का सर्वोच्च मीरा पुरस्कार और विशिष्ट साहित्यकार सम्मान, महाराणा कुंभा पुरस्कार, घनश्यामदास सराफ सर्वोत्तम साहित्य पुरस्कार, नाहर सम्मान, साहित्य पुरस्कार प्रभृति ।

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